
देहरादून। देह व्यापार के एक मामले में सूबतों के अभाव के कारण होटल मैनेजर और कर्मचारी समेत तीन लोगों को न्यायालय अपर जिला एवं सेशन जज फास्ट ट्रैक कोर्ट (पॉक्सो) रजनी शुक्ला की अदालत ने दोषमुक्त कर दिया। अभियोजन (प्रॉसिक्यूटर) पक्ष देह व्यापार में बरामद पीड़ितों को कोर्ट में पेश नहीं कर पाई। वहीं होटल के मालिक को भी आरोपी नहीं बनाया। अब अदालत ने जिलाधिकारी और एसएसपी को आदेश जारी किए हैं कि होटल मालिक के खिलाफ कार्रवाई करने और जांच अधिकारी को इस तरह की लापरवाही न बरतने के लिए कहा जाए।
जानकारी के अनुसार, 27 जनवरी 2018 को एसआई प्रदीप रावत ने ह्यूमन ट्रैफिकिंग यूनिट विकासनगर के साथ एक होटल में छापा मारा, जहां देह व्यापार का कार्य चल रहा था। पुलिस टीम ने होटल के एक कमरे से एक व्यक्ति को महिला के साथ आपत्तिजनक स्थिति में पाया। पूछताछ में महिला ने बताया कि वो पश्चिम बंगाल की रहने वाली है। जबकि आरोपी मूल रूप से बिहार और वर्तमान ने विकासनगर का निवासी है। पुलिस ने आरोपी की जेब से आपत्तिजनक सामान भी बरामद किया। वहीं दूसरे कमरे में एक लड़की बरामद की, जिसने खुद को दिल्ली, एनसीआर का बताया।
पूछताछ में दोनों महिलाओं ने बताया कि एक व्यक्ति उन्हें कपड़े सिलाई का कार्य करने के नाम पर लाया है और उनसे गलत काम करवाने लगा है। कुछ ही देर बाद पुलिस ने होटल पहुंचे उस व्यक्ति को भी पकड़ लिया। उस व्यक्ति ने खुद को होटल का कर्मचारी बताया और कहा कि वह सस्ते रेट पर कमरे उपलब्ध करवाता है और इसके लिए पहचान पत्र भी नहीं देना पड़ता। उसके बाद होटल के विजिटर रूम में बैठे मैनेजर से जब विजिटर रजिस्टर मंगाया गया तो उसमें कोई एंट्री नहीं पाई गई। इस मामले में पुलिस ने 27 जनवरी 2018 को ग्राहक, होटल कर्मचारी और होटल मैनेजर के खिलाफ थाना विकासनगर में मुकदमा दर्ज किया।
इस मामले की जांच उपाधीक्षक शिशुपाल सिंह नेगी, एसआई स्मृति रावत और निरीक्षक महेश जोशी ने की और जांच अधिकारियों ने 28 मार्च 2019 को चार्जशीट दाखिल की। इस मामले में पुलिस होटल से बरामद दोनों पीड़ितों को कोर्ट में पेश नहीं कर पाई, क्योंकि वह विकासनगर से जा चुकी थीं। दोनों की तलाश में टीमें बाहर भेजी गईं, लेकिन उनका कोई पता नहीं लगा। साथ ही जांच अधिकारी की ओर से होटल के मालिक को इस मामले में आरोपी नहीं बनाया गया।
प्रॉसिक्यूटर के अधिवक्ता किशोर रावत ने बताया कि पुलिस देह व्यापार में बरामद पीड़ितों को कोर्ट में पेश नहीं कर पाई। साथ ही होटल के मालिक को भी आरोपी नहीं बनाया। अब अदालत ने जिलाधिकारी और एसएसपी को आदेश जारी किए हैं कि होटल मालिक के खिलाफ कार्रवाई करने और जांच अधिकारी को इस तरह की लापरवाही न बरतने के निर्देश देने के लिए कहा है।




