पर्यटन

पर्यटन सचिव ने उत्तरकाशी में जिला सेक्टर, राज्य सेक्टर, केन्द्र पोषित, वाहय सहायतित के अंर्तगत विकास कार्यों की समीक्षा बैठक की

 

देहरादून/उत्तरकाशी 04 जनवरी, सचिव पर्यटन, संस्कृति, सूचना, नागरिक उड्डयन उत्तराखंड शासन एवं जनपद प्रभारी दिलीप जावलकर ने सोमवार को जिला सभागार उत्तरकाशी में जिला सेक्टर, राज्य सेक्टर, केन्द्र पोषित, वाहय सहायतित के अंर्तगत विकास कार्यों की समीक्षा बैठक की।

समीक्षा बैठक के दौरान पर्यटन सचिव जावलकर ने जनपद में वुडन हैंडीक्राफ्ट को बढ़ावा देने के लिए लोगों को प्रशिक्षित करने के निर्देश दिए। कामगारों के अन्दर स्किल डब्ल्प कर उन्हें मशीनरी से जोड़ने को कहा। ताकि स्थानीय कारीगरों को पारम्परिक भवन, रिजॉर्ट, आदि के नव निर्माण कार्यों में रोजगार मिल सकें। साथ ही जनपद अथवा उत्तराखंड आने वाले पर्यटकों के लिए यहां का पारम्परिक यादगार उपहार भी तैयार करने के निर्देश महाप्रबंधक उद्योग को दिए। ताकि पर्यटक उसे यादगार के रूप में अपने साथ ले जा सके।

पर्यटन सचिव जावलकर ने कहा कि ग्रोथ सेंटर महत्वपूर्ण योजना है इसके नियोजन करने की जरूरत है। टूरिज्म ग्रोथ सेंटर रैथल में एक डिस्प्ले स्थापित कर यहां की पारम्परिक वस्तुओं का समावेश किया जाय। जिससे बाहर से आने वाले पर्यटक यहां की स्थानीय चीजों से रूबरू हो सके। यहां की वस्तुओं व विशेष उत्पादनों को राष्ट्रीय एवं अंतराष्ट्रीय स्तर पर एक विशिष्ट पहचान मिले इस हेतु कार्य करने के निर्देश दिए। पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए मुख्यमंत्री सीमांत विकास योजना के अंर्तगत हर्षिल में पर्यटन हब विकसित कर रिवर फ्रंट के कार्य किया जाय। जिससे यहा आने वाले पर्यटक यहां की नैसर्गिक सौंदर्य की झलक अपनी सेल्फी के जरिये कैद कर सके। सचिव ने समाज कल्याण अधिकारी को निर्देशित किया कि लाभार्थियों को दी जाने वाली विभिन्न पेंशन, छात्रवृत्ति को समय से उनके खातों में भेजी जाय। ताकि पेंशनर्स को इसका लाभ समय से मिल सके।

समीक्षा बैठक में जिलाधिकारी मयूर दीक्षित ने प्रस्तुतिकरण के माध्यम से जिला सेक्टर, राज्य सेक्टर, केन्द्र पोषित, वाहय सहायतित की प्रगति एवं मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना, सीएम हेल्पलाइन, सीएम डेशबोर्ड, मुख्यमंत्री त्वरित समाधान कार्यक्रम, ई-ऑफिस, ग्रोथ सेंटर, साक्षरता, कोसी नदी के तर्ज पर इंद्रावती नदी के जल स्रोत रिचार्ज की प्रगति के बारे में विस्तारपूर्वक बताया। इसके अलावा जिलाधिकारी ने अवगत कराया कि पारम्परिक संस्कृति को बढ़ावा देने के लिए कार्ययोजना बनाई गई है। पंचायत भवन, विद्यालय व सरकारी भवनों के नवनिर्माण कार्यों में पारम्परिक रूप दिया जाएगा।

समीक्षा बैठक के उपरांत पर्यटन सचिव द्वारा वर्णावर्त में प्रस्तावित एडवेंचर टूरिज्म पार्क का निरीक्षण किया गया। जिसमें बर्ड वाचिंग ट्रेल, एमटीबी आॅफ रोड़ ट्रेल, चिल्ड्रन मनोरंजन पार्क व व्यू प्वांईट्स प्रस्तावित हैं। इसके अलावा इसमें एडवेंचर एक्टिविटी पार्क में पर्यटकों के लिए कमांडो नेट, प्लैंक वाॅक, स्काई वाॅक, वाॅल क्लाईबिंग व बंजी जंपिंग जैसे साहसिक खेलों की भी व्यवस्था की जायेगी।

समीक्षा बैठक एवं एडवेंचर टूरिज्म पार्क निरीक्षण के समय डीएफओ दीपचंद आर्य, मुख्य विकास अधिकारी पिसी डंडरियाल, सीएमओ डॉ डीपी जोशी, वरिष्ठ कोषाधिकारी बालकराम, परियोजना निदेशक संजय सिंह, सीवीओ डॉ प्रलंयकर नाथ, अधिशासी अभियंता लोनिवि धीरेंद्र सिंह, सुरेश तोमर, मुख्य कृषि अधिकारी गोपाल भंडारी, डीएसओ गोपाल मटूड़ा, अधिशासी अभियंता आरईएस विभू विश्वमित्र रावत, अपर संख्या अधिकारी राजीव शर्मा सहित अन्य अधिकारी मौजूद थे।

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