उत्तराखंडस्वास्थ्य

सरकार के आयुर्वेदिक डॉक्टरों को ऑपरेशन का अधिकार दिए जाने के विरोध में आईएमए के डॉक्टरों ने की भूख हड़ताल

ऋषिकेश ,14 फरवरी( AKA)।इंडियन मेडिकल एसोसिएशन व इंडियन डेंटल एसोसिएशन के द्वारा केंद्र सरकार के मिक्सोपैथी आयुर्वेदिक डॉक्टर को सर्जरी के अधिकार दिए जाने के विरोध में रविवार को एक दिवसीय भूख हड़ताल कर अपना विरोध प्रकट किया गया ।इस अवसर पर आईएमए के अध्यक्ष डॉ हरिओम प्रसाद ने कहा कि 70% चिकित्सा सुविधा आई एम ए तथा आईटी के द्वारा प्रदान किया जाता है। जिसके चलते कोविड-19 के दौरान आईएमए के डॉक्टरों ने अपनी जान पर बाजी लगाकर एकजुट होकर कार्य किया है ।और देश को इस संकट की घड़ी से बाहर निकाला है। लेकिन भारत सरकार द्वारा इस प्रकार के अव्यवहारिक निर्णय लिए जाने से तमाम लोगों में भारी रोष है ।उन्होंने कहा कि सभी डॉक्टर 5 साल में एमबीबीएस की डिग्री लेते हैं ।और फिर 1 साल इंटरशिप करते हैं ।जिसके बाद 3 साल के लिए सर्जरी में पोस्ट ग्रेजुएट करते हैं ।तथा 2 साल सीनियर रेसिडेंसी करने के बाद ही किसी भी मरीज का ऑपरेशन करने के काबिल बनते हैं। परंतु सरकार के नए नियमों के अनुसार आयुर्वेदिक के डॉक्टर को सर्जरी करने की अनुमति दिया जाना तर्कसंगत नहीं है। जिसका समस्त डॉक्टर विरोध करते हैं ।और सरकार से मांग करते हैं ।कि मिक्सो पैथी खिचड़ी पूरक विधा को तुरंत बंद किया जाए ।इस दौरान आई एम ए के डॉक्टर हरिओम प्रसाद ने सरकार के इस निर्णय के विरोध में भूख हड़ताल की ।जिनके समर्थन में आईडीए के अध्यक्ष  डॉक्टर चेतन रियाल,डाक्टर गगन शर्मा, डाक्टर अंंकित शर्मा, डॉक्टर रितु प्रसाद, डॉक्टर भारद्वाज ,डॉक्टर ए के श्रीवास्तव, डॉक्टर पुरी ,डॉक्टर सोनी ,डॉक्टर सोनम, डॉक्टर राजेश अग्रवाल ,डॉ एच डी उनियाल, डॉक्टर सावित्री उनियाल, डॉक्टर राजेंद्र गर्ग, डॉक्टर अंकित, डॉक्टर डॉ मोनी सिंह ,डॉ दुर्गेश ,डॉ विजय आदि भी बैठे।

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