उत्तराखंड

पेट्रोलियम पदार्थों के दामों में वृद्धि सरकार की संवेदनहीनताः कांग्रेस

देहरादून। महानगर कांग्रेस ने महानगर कांग्रेस अध्यक्ष लालचंद शर्मा के नेतृत्व में विधानसभा मसूरी क्षेत्रान्तर्गत जाखन में भाजपा सरकार का पुतला दहन किया।
इस दौरान महानगर अध्यक्ष लालचंद शर्मा ने कहा कि एक तरफ जहां वैश्विक महामारी कोरोना से दैनिक मजदूरी करने वाले लोगों व छोटे व्यवसायियों के रोजगार बन्द होने से उनकी आर्थिक स्थिति खराब हो चुकी है तथा उनके सामने रोजी रोटी का संकट खडा हो गया है। निजी संस्थानों में काम करने वाले करोड़ों लोगों को अपने रोजगार से हाथ धोने पड़े हैं। ऐसी स्थिति में केन्द्र सरकार द्वारा लगातार बढ़ाये जा रहे पेट्रोलियम पदार्थों के दाम सरकार की संवेदनहीनता, गरीब विरोधी तथा जनविरोधी नीति का परिचय देते हैं।
महागनर कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा भाजपा के शासन में महंगाई अपने चरम पर है। जरूरत की सभी चीजें फल, सब्जी, दालें दुगुने दाम पर मिल रहे हैं। पेट्रोल, डीजल व रसोई गैस के बेतहाशा बढते दाम आम आदमी का जीना दूभर कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि भाजपा की केन्द्र व राज्य सरकारें मंहगाई पर काबू पाने में असफल साबित हुई हैं। रसोई गैस सिलेण्डर के दाम इतने बढ चुके हैं कि गरीब आदमी के घर का चूल्हा बुझने की कगार पर है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी चुनावों से पहले अपनी सभी जनसभाओं में मंहगाई कम करने का ढिंढोरा पीटते थे परन्तु उनके 6 साल के कार्यकाल में महंगाई अपने चरम पर पहुंच गई है तथा आम आदमी उसके बोझ को सहन करने में असमर्थ हो गया है। कहा कि भाजपा सरकार द्वारा पेट्रोलियम पदार्थों के दामों में वृद्धि कर अपने चहेते घरानों की जेब भरने के लिए आम आदमी की जेब पर डाका डाला जा रहा है।
पूर्व विधायक जोत सिंह गुनसोला ने कहा कि कोरोना महामारी के कारण लोगों के रोजगार ठप हो चुके हैं तथा पहले से महंगाई की मार झेल रहा आम आदमी अब पेट्रोलियम पदार्थों (डीजल, पेट्रोल, रसोई गैस) के दामों में लगातार हो रही वृद्धि के कारण जरूरत की चीजों के दामों में कई गुना वृद्धि के कारण पीड़ित है।
गोदावरी थापली ने कहा कि पेट्रोलियम पदार्थों के दामों में वृद्धि के कारण खाघ पदार्थों सहित सभी चीजों के दामों में स्वाभाविक रूप से वृद्धि होनी निश्चित है। विषेशकर खाघ पदार्थों की बढ़ती कीमतों के कारण आम आदमी के जीने की राह और कठिन बना रहा है। इस दौरान उर्मिला थापा,सागर लांबा, जगदीश चैहान, नीरज त्यागी, धर्मेन्द्र सावंत, राजेन्द्र धवन, अनिल बस्नेत, प्रदीप डोभाल, प्रियांश छाबड़ा, देवेन्द्र बुटोला, परमजीत, अनिल नेगी, आबराय हिमेन्द्र भंडारी, दीप चैहान, अर्जुन रावत, गौरव गुलेरिया, विनय खत्री, मुकेश कुमार, नीरज पाल व निखिल खरोला आदि शामिल रहे।

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