राष्ट्रीयस्वास्थ्य

*…फिर मोदी को मत देना दोष*

22 मार्च 2020 होने वाला है एक साल का

 

ऋषिकेश, 14 मार्च।  ( *आज का आदित्य*)  कोरोना का प्रकोप अगर दोबारा बढा और फिर से लॉकडाउन लगाना पड़े तो  प्रधानमंत्री मोदी को दोष मत देना। क्योंकि जान है तो जहान है।
23 मार्च 2020 का वो दिन शायद ही किसी भारतीय को याद ना हो। 2020 के उस खौफनाक मंजर से कोई भी नागरिक अछूता नहीं है। जिसको अब एक साल पूरा होने को है। ऐसे में कोरोना संक्रमण के प्रति लोगों की बढ़ती लापरवाही फिर से कोरोना महामारी को बढ़ावा दे रही है। सड़कों पर लगभग 50 प्रतिशत लोग बिना मास्क के ही नजर आ रहे हैं। क्या नेता क्या अभिनेता, मास्क लगाना तो दूर सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करने की भी जहमत नहीं उठा रहे हैं। पुलिस और प्रशासन भी आमजन की फजीहत को देखते हुए कोरोना को लेकर ढील बरतता जा रहा है। प्रदेश सरकार ने भी हरिद्वार महाकुंभ में बाहरी राज्यों से आने वाले श्रद्धालु के लिए कोविड-19 नेगेटिव रिपोर्ट की अनिवार्यता को खत्म कर दिया है। जिससे कोरोना संक्रमण का खतरा और भी बढ़ गया है।
उत्तराखंड के देहरादून, मसूरी और कई अन्य शहरों में कोरोना संक्रमण मिलने पर दोबारा कंटेनमेंट जोन बनाए गए हैं। जोकि उत्तराखंड और उत्तराखंड वासियों के लिए सही संकेत नहीं हैं। महाराष्ट्र, पंजाब, दिल्ली आदि कोरोना से प्रभावित प्रदेशों में कोरोना के प्रकोप को देखते हुए सचेत होने का समय आ गया है। संक्रमण को रोकने के लिए नागरिकों को स्वयं जिम्मेदारी उठानी होगी। सरकार द्वारा जारी की गई सभी गाइडलाइनों का पहले की तरह सख्ती से पालन करना होगा। साथ ही शासन-प्रशासन को भी इसके लिए कड़े फैसले लेने होंगे।

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