उत्तराखंड

पेयजल निगम के अधिशासी अभियंता की कोरोना से मौत

देहरादून। उत्तराखंड में कोरोना बेकाबू होता जा रहा। सरकार कोरोना को नियंत्रित करने में अब तक लगभग फेल साबित हुई है। रोजाना लोग अपनों को खोते जा रहे है। इस बीच खबर आ रही है कि उत्तराखंड पेयजल निगम निर्माण इकाई श्रीनगर गढ़वाल में कार्यरत अधिशासी अभियंता प्रदीप कुमार अग्रवाल की जिंदगी भी कोरोना ने छीन ली है। उन्होंने एम्स ऋषिकेश में अंतिम सांस ली है। पेयजल निगम निर्माण यूनिट श्रीनगर में परियोजना प्रबन्धक के पद पर कार्यरत रहे मृतक पीके अग्रवाल का इसी माह 31 मई को रिटायरमेंट था। अग्रवाल के सहयोगी सहायक अभियंता दौलत बैलवाल ने बताया कि 20 अप्रैल को उन्हें हल्का
बुखार महसूस होने पर 21 अप्रैल को ऋषिकेश एम्स में जांच कराई, जहां उनका कोरोना टेस्ट पॉजिटिव आया। एम्स ऋषिकेश में उनकी बेटी भी डॉक्टर है। चिकित्सकों की सलाह और देखरेख में उनका होम आईसोलेशन में इलाज शुरू किया। वह कुछ हद तक ठीक भी हो हए थे। बेलवाल ने बताया की 28अप्रैल को तबियत बिगड़ी तो बेटी ने उन्हें एम्स ऋषिकेश में भर्ती कराया, जहां कल उन्होंने दम तोड़ दिया। उनकी मैट की खबर से पेयजल निगम में गहरा शोक कहा गया। उन्होंने बताया कि अग्रवाल की दो बेटियां और एक बेटा है। बड़ी बेटी की शादी हो चुकी है। जबकि एक बेटी की शादी की बात चल रही थी, लेकिन सभी बच्चों की शादी कराना शायद भगवान को मंजूर नहीं था। अग्रवाल की मौत की खबर के बाद पेयजल निगम के कई दफ्तरों में शोक सभाएं आयोजित कर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की गई। श्रीनगर दफ्तर में भी अधिकारियों और कर्मचारियों ने शोक सभा आयोजित करके गहरी संवेदना व्यक्त की है। साथ ही दुःख की इस घड़ी में मृतक अभियन्ता के परिजनों को धैर्य और हौंसला बनाये रखने के लिए भगवान से शक्ति प्रदान करने की प्रार्थना की है। बता दें कि पेयजल निगम के प्रबंध निदेशक वीसी पुरोहित के बाद ये कमबख्त कोरोना ऊर्जा निगम ऋषिकेश के अधिशासी अभियंता डीके सिंह, रुद्रपुर के एसडीओ विनोद कुमार के बाद उत्तराखंड जल संस्थान के अधिशासी अभियंता अशोक कुमार की जिंदगी भी छीन चुका है। दो दिन पहले ही सिचाई विभाग के अधिशासी अभियंता सुबोध मैथानी सहित दो और अभियंता कोरोना से जंग हार गए। इनमें पीडब्लूडी मुख्य अभियंता कार्यालय देहरादून में कार्यरत सहायक अभियंता भास्कर त्रिपाठी और पेयजल निगम कोटद्वार के अपर सहायक अभियंता मोहम्मद अरशद खान शामिल है। लगातार साथियों की मौत से इंजीनियरिंग क्षेत्र में शोकाकुल हैै।

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