उत्तराखंडस्वास्थ्य

मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत ने एम्स में संचालित की जा रही कोविड केयर व्यवस्थाओं का जायजा लिया

सूबे के मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत शुक्रवार को अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान एम्स ऋषिकेश पहुंचे और अस्पताल में संचालित की जा रही कोविड केयर व्यवस्थाओं समेत विभिन्न बिंदुओं पर एम्स प्रशासन से विस्तृत पर चर्चा की। इस दौरान एम्स संस्थान की ओर से निदेशक पद्मश्री प्रोफेसर रवि कांत की अगुवाई में अधिकारियों व फैकल्टी सदस्यों ने उनका स्वागत किया। इस अवसर पर आयोजित बैठक में मुख्यमंत्री ने एम्स में कोविड केयर मैनेजमेंंट पर चर्चा की और मरीजों को दिए जा रहे उपचार आदि बिंदुओं के बाबत जानकारी हासिल की। एम्स निदेशक पद्मश्री प्रोफेसर रवि कांत ने मुख्यमंत्री को बताया कि आईडीपीएल में डीआरडीओ द्वारा तैयार किए जा रहे 500 बेड के कोविड केयर सेंटर का संचालन एम्स संस्थान करेगा और उसमें चिकित्सकों, नर्सिंग स्टाफ आदि की व्यवस्थाएं की जाएंगी,जिससे कोविड संक्रमित मरीजों को बेहतर उपचार मिल सके। निदेशक एम्स प्रो. रवि कांत ने सीएम तीरथ सिंह रावत से एम्स में ऑक्सीजन स्टोरेज के लिए 40,000 लीटर क्षमता का अतिरिक्त ऑक्सीजन स्टोरेज टैंक लगाने का अनुरोध किया है। उन्होंने अवगत कराया कि एम्स में वर्तमान में 30,000 लीटर क्षमता का ऑक्सीजन टैंक स्थापित है, मगर अस्पताल में ऑक्सीजन पर आधारित बेड,वेंटिलेटर व आईसीयू की अत्यधिक संख्या को देखते हुए मौजूदा 30,000 लीटर के टैंक के अलावा ऑक्सीजन सिलेंडरों पर निर्भर रहना पड़ता है। लिहाजा संस्थान में अतिरिक्त ऑक्सीजन टैंक लगने से कोविड काल में ऑक्सीजन की सतत आपूर्ति कोई कठिनाई नहीं होगी व मरीजों को चिकित्सा सेवा देने में दिक्कतें पेश नहीं आएंगी। जिस पर सीएम ने एम्स प्रशासन को भरोसा दिलाया कि इस बाबत जल्द ठोस निर्णय लिया जाएगा। इस दौरान मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत ने कोविडकाल में एम्स द्वारा की जा रही मरीजों की चिकित्सा सेवा के सतत प्रयासों की सराहना की। एम्स निदेशक ने बताया कि वर्तमान में संस्थान में कोविड के गंभीर मरीजों के अलावा कोविड पॉजीटिव गर्भवती महिलाओं का प्रसव, दुर्घटना में घायल ट्रॉमा पेशेंट को भी इमरजेंसी के माध्यम से भर्ती किया जा रहा है। बैठक में विधानसभा अध्यक्ष प्रेमचंद अग्रवाल , सीएम के ओएसडी जगमोहन सुंद्रियाल , डीन एकेडमिक प्रो. मनोज गुप्ता , मेडिकल सुपरिटेंडेंट प्रो. बीके बस्तिया जी,प्रो. डीके त्रिपाठी , डा. पीके पंडा , डा. मधुर उनियाल , विधि अधिकारी प्रदीपचंद्र पांडेय , जनसंपर्क अधिकारी हरीश मोहन थपलियाल आदि मौजूद थे।

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