उत्तराखंडपर्यटन

*सरकार भक्तों को करवायेगी चारधाम के ऑनलाइन दर्शन*

*ऑनलाइन दर्शन व्यवस्था की तैयारियों को पर्यटन मंत्री महाराज ने अधिकारियों को दिए निर्देश*

देहरादून। कोरोना के बढ़ते मामले और देश-दुनिया के तीर्थयात्रियों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए, प्रदेश सरकार की ओर से इस साल चारधाम यात्रा को स्थगित किया गया है। ऐसे में संकट के इस समय श्रद्धालुओं की भावनाओं का सम्मान करते हुए, भक्तों के लिए उत्तराखंड सरकार चारधाम के वर्चुअल दर्शन कराने की तैयारी कर रही है। जिससे घर बैठे लोग चारधाम के दर्शन कर सकेंगे। इस संबंध में पर्यटन मंत्री सतपाल महाराज ने माननीय मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत के साथ भी चर्चा की। जिस पर मुख्यमंत्री द्वारा भी उक्त सुझाव को उचित बताया।
यमुनोत्री, गंगोत्री, केदारनाथ और बद्रीनाथ के वर्चुअल दर्शन की व्यवस्था करने से चारों धामों के दर्शन के इच्छुक देश विदेश के श्रद्धालु मंदिर के गर्भगृह को छोड़कर बाकी मंदिर परिसर के ऑनलाइन दर्शन और ऑडियो के माध्यम से पूजा अर्चना कर सकेंगे।
गुरुवार को पर्यटन मंत्री सतपाल महाराज ने चारधाम देवस्थानम बोर्ड के सीईओ रविनाथ रमन से बात कर और पत्र लिखकर ऑनलाइन दर्शन की व्यवस्था करने के निर्देश दिए। पर्यटन मंत्री ने कहा कि देश-विदेश के तीर्थयात्रियों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए प्रदेश सरकार की ओर से चारधाम को स्थगित करने का फैसला लिया है। श्रद्धालुओं की भावना का आदर करते हुए चारधाम के वर्चुअल दर्शन करने के लिए व्यवस्था करने के निर्देश दिए गए हैं। जिससे कोरोना काल में घर पर सुरक्षित रहकर तीर्थयात्री चारधाम के वर्चुअल दर्शन करने के साथ पूजा-पाठ और भोग लगाने के साथ आरती भी कर सकेंगे।
इसके साथ ही पर्यटन मंत्री सतपाल महाराज ने प्रदेश वासियों से अपील करते हुए कहा कि अपनी बारी आने पर कोरोना का टीका अवश्य लगाएं। मुश्किल की इस घड़ी में देश सेवा करने के लिए वैक्सीन का लाभ जरूर लें। उचित दूरी बनाते हुए मास्क, सेनेटाइज आदि का इस्तेमाल करें।
मौसम की सटीक जानकारी के लिए डॉप्लर रडार की सूचना जुटाएगी सरकार
बीते कुछ दिन पहले उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग, देवप्रयाग और बुधवार को कैंची धाम में बादल फटने की घटना पर पर्यटन मंत्री सतपाल महाराज ने दुख जताया। उन्होंने कहा कि बादल फटने जैसी घटनाओं को देखते हएु प्रतीत होता है कि उक्त रडार कदाचित क्रियाशील नहीं है। उपरोक्त घटनाओं को देखते हुए पर्यटन मंत्री ने निदेशक मौसम विज्ञान केन्द्र देहरादून को पत्र लिखकर निर्देशित करते हुए कहा कि रडारों की क्रियाशीलता से अवगत कराना सुनिश्चित करें।
पर्यटन मंत्री ने कहा कि गढ़वाल और कुमाऊं क्षेत्र में लगाए गए डॉप्लर रडार की इन घटना की सूचना और संबंधित विभाग की सूचना को संकलन करके व्यवस्था को और मजबूत बनाने की दिशा में प्रदेश सरकार की ओर से कार्य किया जाएगा। जिससे प्राकृतिक आपदा से होने वाले नुकसान को कम किया जा सके। बादल फटने की घटना पर दुख जताते हुए पर्यटन मंत्री सतपाल महाराज ने कहा कि कैंची धाम के घटनास्थल पर रेस्क्यू टीम राहत बचाव का कार्य कर रही है। माननीय मुख्यमंत्री का संकल्प है कि आपदा से प्रभावित लोगों को कम से कम समय में राहत पहुंचाए जाए। इसके लिए सरकार प्रतिबद्ध है। साथ ही उन्होंने कहा कि सरकार की ओर से रेस्क्यू टीम को हर संभव मदद पहुंचाई जा रही है। जिससे राहत और बचाव का कार्य तेजी से किया जा सके।

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