उत्तराखंडकोविड-19

कोरोना कॉल मे पेड़ों का महत्व समझाया राजपाल खरोला ने


ऋषिकेश, 29 मई । उत्तराखंड प्रदेश कांग्रेस के महासचिव राजपाल खरोला, ने एक विज्ञप्ति के माध्यम से जानकारी देते हुए बताया के कोरोना काल में जिस तरीके से ऑक्सीजन के अभाव में लाखों की संख्या में लोगों को अपनी जान गंवानी पड़ गई। वही भविष्य में क्यों ना हम ऐसा समाज बनाएं जहां कभी भी प्राकृतिक ऑक्सीजन की कमी ना हो इसी के तहत एक वृक्ष एक जिंदगी कार्यक्रम विश्व पर्यावरण सप्ताह के माध्यम से 1 जून से 7 जून तक चलाया जाएगा जिसमें एक वृक्ष 🌳 एक जिन्दगी 👩‍🦰
वो जो हमे इस कोरोना संकट काल में ऑक्सीजन की कमी से छोड़ कर चले गये वो आपके परिवार के सदस्य, रिश्तेदार, दोस्त या आस पड़ोस में कोई भी हो सकता है।
और एक जिन्दगी वो जिसे हम बचाना चाहते है,
तो आइये इस नेक मुहिम में 1 से 7 जून विश्व पर्यावण सप्ताह के मौके पर एक वृक्ष उनके लिए लगाये, जो हमे छोड़ कर चले गये। यही उनके लिए एक मानवता से परिपूर्ण श्रद्धान्जली होगी।
इस मुहिम की शुरुवात मै अपने गृह क्षेत्र ऋषिकेश से शुरू कर रहा हूँ।
क्योकि चिपको आंदोलन के प्रणेता, विश्व में वृक्षमित्र के नाम से प्रसिद्ध महान पर्यावरणविद् पद्म विभूषण सुंदरलाल बहुगुणा ने कोरोना से लड़ते हुए अपनी आखरी सांस ऋषिकेश की भूमि में ही ली थी।
कोरोना के चलते जो सम्मान हम उन्हें नही दे पाए, ये राज्य ही नहीं देश के कोने कोने में एक वृक्ष लगाकर उनके लिए एक सम्मान होगा, मै सभी देश एवं प्रदेश वासियों व समस्त राजनितिक पार्टी के लोगो से एक आम नागरिक के तहत अपील करता हूं की जहां भी आप रहते हैं। वहां
🌳एक वृक्ष एक जिन्दगी 👩‍🦰कार्यक्रम के तहत जो हमे छोड़ कर चले गये और अब जिन्हें हम बचाना चाहते है उनके लिए एक पेड़ (पीपल, नीम, या चाहे कोई भी फलदार) वृक्ष जरूर लगाये 🌳।

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