उत्तराखंडराजनीति

तीरथ सिंह रावत अल्प समय में ही लिख रहे है उत्तराखण्ड के विकास की नई इबारत

दुर्गेश मिश्रा

देहरादून। उत्तराखण्ड के मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत ने अपने अल्प कार्यकाल में यह साबित करके दिखा दिया है कि यदि उन्हे सत्ता की बागडोर पूरे पांच वर्ष के लिए दे दी जाए तो वे प्रदेश के विकास को नई गति और दिशा दे सकते है। उनकी विकासपरक कार्यशैली को देखते हुए प्रदेश में उनकी लोकप्रियता का ग्राफ लगातार बढ़ रहा है। पूर्व मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत के समय में कोरोनाकाल के दौरान प्रदेश के विकास को बड़ा झटका लगा था। जिससे प्रदेश उभरने की कोई तरकीब हालफिल्हाल दिखाई नही दे रही थी। जिसे देखते हुंए भाजपा हाईकमान ने उत्तराखण्ड में नेतृत्व परिवर्तन का फैसला लिया और कर्मठ ओजस्वी तीरथ सिंह रावत पर दांव खेला। तीरथ सिंह रावत के पास प्रदेश के हालात सुधारने के लिए बहुत ही कम समय था। इसलिए वे उत्तराखण्ड की सत्ता पर काबिज होते ही प्रदेश के बहुमुखी विकास के लिए तेजी से काम करने लगे। पहले तो उन्होंने प्रदेश में शांतिपूर्वक दुनियां के सबसे बड़े धार्मिक मेले महाकुंभ को शांतिपूर्वक संपन्न कराया। उसके साथ ही उन्होंने त्रिवेन्द्र सरकार की उन योजनाओं को जिससे प्रदेश के विवाद की स्थिति पैदा हो रही थी। उनमें परिवर्तन के लिए योजनाओं को अमलीजामा पहनाना शुरू कर दिया। कोरोना की दुसरी लहर ने देश में त्राही त्राही मचा कर रख दी। जिसका असर उत्तराखण्ड पर भी पड़ा। इसपर तीरथ सिंह रावत ने तेजी से काम करते हुए प्रदेश को कोरोना आपदा से उभारने के लिए प्रयास शुरू कर दिए। अल्प समय में ही प्रदेश भर में अस्पतालों के हालात सुधारे गए। कई कोरोना के मरीजों को सही उपचार मिल सके उसके लिए रातों रात प्रदेश भर में कई कोविड सैंटर खोल दिए गए। सीएम तीरथ सिंह रावत खुद प्रदेश भर में घूम घूम कर दिन रात स्थिति का जायजा लेते रहे है। उनके अथके प्रयासों से प्रदेश कोरोना की दुसरी लहर से उभरनें में कामयाबी की ओर बढ़ा। इसके अलावा सीएम लगातार आम जनता की समस्याओं के निराकरण के लिए जनभावनाओं के अनुकूल अपनी योजनाओं का संचालन कर रहे है। प्रदेश के पहाड़ी इलाकों का लगातार दौरा कर प्रदेश के वर्तमान हालातों का जाएजा लेकर उसी हिसाब से निर्णय लिए जा रहे है। प्रदेश के विकास के लिए तीरथ लगातार प्रदेश के सभी जिलों में योजनाओं का शिलान्यास व लोकापर्ण कर रहे है। जिससे कि उत्तराखण्ड में उनके अल्प कार्यकाल के दौरान ही जनता को ज्यादा से ज्यादा सहुलियतें मिल सके। तीरथ ने अपने अल्प समय के कार्यकाल में ही अपने कामों से यह बता दिया है कि यदि उनकी सरकार को पूरे पांच साल काम करने का मौका मिल गया तो वे प्रदेश के विकास को नई दिशा दे सकते है और उत्तराखण्ड जल्द ही एक खुशहाल प्रदेश की श्रेणी में आ सकता है।

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