उत्तराखंडशहर में खास

*मिशन हौसला को पलीता लगाने पर आमादा फर्जी पत्रकार*

 

ऋषिकेश। देश और दुनिया मे मिशन हौसला के तहत उत्तराखंड पुलिस तारीफें बटोर रही है। इस मानवीय प्रयासों की राह में कुछ फर्जी पत्रकार बाधा बनने से नहीं चूक रहे हैं। दुखद पहलू ये है कि अक्षर ज्ञान से अछूते ये माइक आईडी धारक स्वयम्भू पत्रकार पुलिस के काम में बाधा पहुंचाकर अपनी नीच मानसिकता से पूरी पत्रकार बिरादरी की साख पर बट्टा लगा रहे हैं। ताज़ा मामला बड़ी सब्जी मंडी पर लगी दुकानों से जुड़ा है। यहां तय अवधि के बाद ऋषिकेश कोतवाली की चीता पुलिस दुकानों को बंद करवा रही थी। इसी दौरान एक फर्जी पत्रकार माइक आईडी लेकर पहुँच गया और वीडियो बनाने लगा। इसी बीच पुलिस और तथाकथित पत्रकार के बीच बहसबाजी शुरू हो गई। इसपर सरकारी काम मे बाधा पहुँचा रहे फर्जी पत्रकार का कैमरा अपने काबू में ले लिया। अपनी ड्यूटी निभा रहे पुलिसकर्मियों की गलती इतनी थी कि वीडियो बना रहे फर्जी पत्रकार की आईडी और पहचान पूछ ली थी। इसी सवाल पर चोर की दाढ़ी में तिनका की तरह तथाकथित पत्रकार उबल पड़े और पुलिसकर्मियों से अभद्रता करने लगा। काबिलेतारीफ बात ये रही कि पुलिस कर्मियों ने बेहरुपिये युवक की बदमिजाजी पर आपा नहीं खोया और बाद में फोन वापस कर दिया। दुखद बात ये है कि इस कोविड महामारी के दौर में भी ऐसे तुच्छ मनोप्रवृत्ति के फर्जी पत्रकार मानवीय पहलू तक ओछे स्वार्थ में भुला बैठे हैं। दरअसल शहर में कुछ अशिक्षित और अप्रशिक्षित कुछ युवा फर्जी आईडी लेकर पत्रकार बन बैठे हैं। जिनका काम ही शाम तक चंद सिक्के वसूलकर घर लौटने की लत का शिकार हो चुके हैं। इनसे न सिर्फ सभ्य नागरिक बल्कि पुलिसकर्मी भी परेशान रहते हैं। ऋषिकेश के रूटीन पत्रकारों ने इस घटना की निंदा करते हुए फर्जी पत्रकार पर जल्द एक्शन लेने की मांग की है। फर्जी पत्रकारों से न सिर्फ पुलिसकर्मियों को कोविड काल में झुंझलाहट का सामना करना पड़ता है बल्कि फ्रंटलाइन वर्कर के रूप के काम कर रहे कलमकारों को भी शर्मसार होना पड़ता है। ऋषिकेश के खबरनवीसों की मांग है कि ऐसे नकली पत्रकारों पर जल्द से जल्द नकेल कसी जाए।

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