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तीर्थनगरी के युवा कला शिक्षक चित्रकार राजेश चन्द्र सयुंक्त राष्ट्र संघ की प्रदर्शनी में शामिल

 

ऋषिकेश, 08 जून। सयुंक्त राष्ट्र संघ द्वारा 8 जून को समुद्र व उसमे रहने वाले सभी जीव जंतुओं की सुरक्षा की जागरूकता के लिये विश्व सागर दिवस घोषित किया गया है ।
समुद्र को बचाने व उसे प्रदूषण से बचाने के लिए इस वर्ष भी ऑनलाइन माध्यम से विश्व सागर दिवस का आयोजन किया गया है।
जिसमे कला, फोटाग्राफी आदि के माध्यम से विश्व भर से कलाकार अपने कृति के द्वारा सागर बचाओ का संदेश देते है ।
राजेश की कृति वसुधैव कुटुम्बकम का चयन इस प्रदर्शनी में हुआ है ।उन्होंने ओसनिक ग्लोबल के द्वारा आयोजित इस प्रदर्शनी की शुभारंभ कार्य्रकम में भी हिस्सा लिया जो ऑनलाइन माध्यम से न्यू यॉर्क से संचालित हुआ । राजेश ने अपनी कृति वसुधैव कुटुम्बकम से विश्व मे यही संदेश दिया कि सम्पूर्ण विश्व एक परिवार है इसमें सभी जानवर मानव जाति , जलीय जीव पेड़ पौधे आदि मिलकर इस परिवार को पूरा बनाते है । अगर मानव ये सोचने लगेंगे की सिर्फ मेरा ही राज इस धरती पर होगा तो वह दिन दूर। यही जब हम इसके दुष्परिणाम भुगतेंगे । कोरोना का उदाहरण हम सभी के सामने है। प्रकति सन्तुलन हम सभी को बनाना होगा । यही राजेश ने अपनी कृति में दिखाया है एक इंसान ( गढ़वाली परिधान में) सभी जानवरों के साथ मिलकर नदी में कुछ मछली छोड़ता दिखाई दे रहा है ।
यह सब मिलकर प्रकति का धन्यवाद करते दिख रहे हैं कि कुदरत ने हमे अमृत समान ये जल दिया लेकिन बहुत दुख की बात है कि हम ही लोग जल प्रदूषित कर रहे । राजेश पिछले साल हुए प्रदर्शनी में भी देश की ओर से प्रतिभागी थे । और इस वर्ष भी देश से सिर्फ चित्रकार राजेश की कृति को इस प्रदर्शनी में जगह मिलिए है ।

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