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अद्भुत लेखन शैली के लिए योगाचार्य सूरज नौटियाल को मिला प्राइम आर्थर अवॉर्ड!

 

 

ऋषिकेश, 17 जून। वीरों की भूमि से एक युवा लेखक उभर कर सामने आया हैं। जी हां हम बात कर रहे हैं यमकेश्वर ब्लॉक के नीलकण्ठ मल्ली तलाई पौड़ी गढ़वाल के सूरज नौटियाल की जिसकी अद्भुत लेखन शैली ने उसे देश के सौ उदयीमान लेखकों की श्रेेणी में ला खड़ा किया है। 100 प्राइम आर्थर अवार्ड से नवाजे गये सूरज की नायाब उपलब्धि पर अंतरराष्ट्रीय गढवाल महासभा ने खुशी जताई है।

महासभा के अध्यक्ष विभिन्न संगठनों से जुड़े समाजसेवी डॉ राजे सिंह नेगी ने कहा कि सूरज की उपलब्धि ना सिर्फ यमकेश्वर ब्लॉक बल्कि समूचे उत्तराखंड के लिए गोरवान्वित करने वाली है ।धन्य है उनकी मां रोशनी देवी जिन्होंने सूरज के पिता स्वर्गीय चमनलाल नौटियाल का साया उसके सिर से उठने के बाद भी उसे ऐसी संस्कारित शिक्षा दी कि वह देश के उदयीमान लेखकों की फेहरिस्त में अपना नाम दर्ज करा पाया। महासभा के अध्यक्ष डॉ नेगी के अनुसार हाथ में मोबाइल, कान में ईयरफोन, तेज संगीत की धुन पर थिरकते पैर, देर रात की पार्टियां, शराब, सिगरेट को एक टशन मानती आज की युवा पीढ़ी, आधुनिकता और तकनीक दोनों की जकड़ में फंस चुकी है।ऐसे में यमकेश्वर ब्लॉक के एक छोटे से गांव से युवा लेखक का उभर कर सामने आना साफ संकेत है कि उत्तराखंड के सुदूरवर्ती पहाड़ी इलाकों में अभी भी युवा भटकाव के रास्ते से दूर अपना भविष्य तलाशने नहीं जुटा हुआ है।उन्होंने कहा कि कुछ युवा लेखक बनना चाहते हैं, लेकिन उचित प्लेटफॉर्म नहीं मिलने की वजह से उनकी यह हसरत पूरी नहीं हो पाती है।सरकार को इस पर ध्यान देने की जरूरत है। उन्होंने बताया कि जल्द ही योगाचार्य सूरज नौटियाल को सम्मानित किया जायेगा।

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