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प्रदेश में स्कूल खोलने के निर्णय का पेरेंट्स एसोसिएशन ने किया विरोध, कहा जब तक बच्चों को वैक्सीन नहीं स्कूल खोलना अनुचित

देहरादून, 29 जुलाई। उत्तराखंड सरकार ने आगामी 01 अगस्त से कक्षा 6 से 12वीं तक के सभी स्कूल खोलने का निर्णय लिया है। वहीं नेशनल एसोसिएशन ऑफ पेरेंट्स एंड स्टूडेंट्स राइट्स ने कोरोना काल में प्रदेश में स्कूल खोलने के निर्णय पर विरोध जताया है।
मंगलवार को कचहरी परिसर में नेशनल एसोसिएशन ऑफ पेरेंट्स एंड स्टूडेंट्स राइट्स (एनएपीएसआर) ने जिलाधिकारी देहरादून के माध्यम से मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेजकर प्रदेश में स्कूल खोले जाने को लेकर आपत्ति जताई है। ज्ञापन के माध्यम से मांग की गई कि जब तक बच्चों के लिए वैक्सीन नही आ जाती तब तक स्कूल न खोले जाएं। एसोसिएशन के राष्ट्रीय अध्यक्ष आरिफ खान ने कहा कि पिछले वर्ष से शासन-प्रशासन को कई बार अवगत करा चुके हैं कि जब तक कोरोना महामारी की पूर्णतया समाप्ति ना हो जाये, तब तक विद्यालय नहीं खोले जाने चाहिए। क्योंकि अभी तक भी 18 वर्ष से कम उम्र के लोगों के लिए वैक्सीन अस्तित्व में नही आई है। लेकिन अब सरकार ने घोषणा की है कि विद्यालय 1 अगस्त से खोले जाएंगे, जो कि अनुचित है। क्योंकि एक तरफ तो सरकार कोरोना की थर्ड वेव के लिए चिंतित है। जिसके लिए कांवड़ यात्रा रोकी जा रही है। अन्य सामुदायिक कार्यो पर भी रोक है। 12वी कक्षा से ऊपर के विद्यालय खोले नहीं जा रहे है। लेकिन सरकार सिर्फ 06 से 12वीं कक्षा तक के विद्यालय खोलने के लिए तत्पर है। जिसका एनएपीएसआर कड़ा विरोध करती है। जब तक सभी छोटे बच्चों को वैक्सीन नहीं लगाई जाएगी तब तक विद्यालय नहीं खोले जाने चाहिए। यदि वर्तमान परिस्थितियों में विद्यालय खोले जाएंगे तो किसी भी अप्रिय घटना के लिए सरकार जिम्मेदार होगी। जिसका एसोसिएशन कड़ा विरोध करेगी। ज्ञापन देने वालों में एसोसिएशन के अध्यक्ष आरिफ खान, महासचिव एडवोकेट सुदेश उनियाल, सचिव सोमपाल सिंह, एडवोकेट अनिल आदि शामिल रहे।

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