आपदाउत्तराखंड

मसूरी में कार्ट मैकेंजी रोड पर भूस्खलन से भारी जाम वहीं अलकनंदा का जलस्तर बढ़ने पर जलमग्न हुए घाट

मसूरी। मंगलवार सुबह मसूरी में कार्ट मैकेंजी रोड भूस्खलन के कारण बंद हो गई है। जिससे रोड के दोनों ओर वाहनों की लंबी लाइन लग गई। इस दौरान लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा। मसूरी लोक निर्माण विभाग द्वारा जेसीबी लगाकर सड़क से मलबा हटाया जा रहा है।
जानकारी मिली है कि पहाड़ी से लगातार मलबा आने से लोक निर्माण विभाग को मार्ग खोलने में परेशानी हो रही है। लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों ने बताया कि सुबह के शनि मंदिर के पास भारी भूस्खलन होने से मार्ग बाधित हो गया। लोक निर्माण विभाग ने मौके पर 24 घंटे जेसीबी तैनात की गई है, जिससे मलबा आने पर तुंरत ही उसे हटाकर मार्ग को सुचारू किया जा सके। लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों ने बताया कि गलोगी पावर हाउस के पास भूस्खलन जोन बन गया. ऐसे में विभाग द्वारा भूस्खलन जोन के ट्रींटमेंट के लिए कार्य योजना बनाई जा रही है, जिससे कि सड़क पर आने वाले मलबे को रोका जा सके।

रुद्रप्रयाग। प्रदेश में बारिश का दौर जारी है। बदरीनाथ धाम से बहने वाले अलकनंदा नदी इन दिनों उफान पर बह रही है। रुद्रप्रयाग में नदी किनारे स्थित सभी घाट जलमग्न हो चुके हैं। रुद्रप्रयाग में नदी से लगभग बीस मीटर दूर स्थित 15 फीट ऊंची शिव मूर्ति तक नदी का पानी पहुंच गया है। नदी का जल स्तर इतना बढ़ गया है कि मूर्ति का सिर्फ सिर दिखाई दे रहा है। रुद्रप्रयाग में अलकनंदा नदी खतरे के निशान से दो मीटर नीचे बह रह रही है।
पहाड़ों में लगातार हो रही बारिश के बाद अब नदियों ने विकराल रूप धारण कर लिया है। बदरीनाथ धाम से आने वाली अलनंदा नदी ने अपना रौद्र रूप दिखाना शुरू कर दिया है। रुद्रप्रयाग में अलकनंदा नदी विकराल रूप धारण करके बह रही है। नदी किनारे स्थित सभी घाट जलमग्न हो गये हैं। नदी के तेज बहाव में घाटों का कुछ अता-पता नहीं है। नदी में बहने वाले मलबे से घाटों को भारी क्षति भी पहुंची है। फिलहाल, सभी घाटों को जाने वाले रास्ते भी बंद हो गये हैं और प्रशासन ने घाटों पर आवाजाही करने पर रोक लगा दी है। रुद्रप्रयाग में अलकनंदा नदी से लगभग बीस मीटर दूर 15 फीट ऊंची शिव मूर्ति स्थित है। नदी का जलस्तर इतना अधिक बढ़ गया है कि मूर्ति तक पानी पहुंच गया है और पानी के तेज बहाव में भगवान शिव का सिर्फ सिर वाला हिस्सा दिखाई दे रहा है। अगर बरसात इसी तरह से होती रही तो शीघ्र ही नदी किनारे रह रहे लोगों से भी घर खाली कराये जाएंगे।

 

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