आपदाउत्तराखंड

कारबारी ग्रांट इलाके में बाढ़ जैसे हालात

देहरादून। पहाड़ों में लगातार हो रही बारिश के कारण सामान्य जनजीवन काफी प्रभावित हो गया है। जगह-जगह भूस्खलन और बाढ़ जैसे हालात पैदा हो गए हैं। ऐसे में लोगों में डर का माहौल है। ऐसा ही नजारा शिमला बाईपास मार्ग से सटे कारबारी ग्रांट इलाके में देखने को मिला है। देहरादून में लगातार हो रही बारिश के कारण कारबारी ग्रांट में बाढ़ जैसे हालात हो गए हैं।
लगातार बारिश होने के चलते जंगलों से निकलने वाली नदियां व गदेरे इतने उफान पर हैं कि बाढ़ जैसे हालात बन गए हैं। शिमला बाईपास मार्ग से सटे कारबारी ग्रांट इलाके के खेतीवाली जिसे डूब स्थान भी कहा जाता है, वहां मकानों के गिरने का खतरा बना हुआ है। यहां अधिकांश घरों में पानी घुस गया है। जिससे लोगों के सामान को काफी नुकसान के साथ-साथ घरों को भी खतरा बना हुआ है। बारिश के कारण इलाके में बाढ़ जैसे हालात को देखते हुए पुलिस प्रशासन द्वारा लोगों को घर छोड़कर सुरक्षित इलाकों में जाने की सलाह दी गई है।
बता दें कि, शिमला बाईपास हाईवे से करीब 600 मीटर अंदर कारबारी ग्रांट के निचले इलाके में नदी किनारे बसे नए रिहायशी क्षेत्र में भारी बारिश के कारण बाढ़ जैसे हालात पैदा हो गए हैं। लोगों के घरों में बारिश का पानी घुस गया है। हालात ऐसे हैं कि कभी भी बड़ी दुर्घटना हो सकती है। जानकारी के मुताबिक कारबारी ग्रांट इलाके के खेतीवाली हिस्सों में भू-माफिया द्वारा जंगल व नदी नालों के किनारे नियम कायदों को ताक पर रख अवैध प्लाटिंग का खेल राजस्व विभाग की मिलीभगत से लंबे समय से चल रहा है। यह क्षेत्र बारिश में नदी-नालों के कारण कई बार खतरे की जद में आ गया है। इसके बावजूद पहाड़ से पलायन होने वाले लोगों को गुमराह कर इसे सुरक्षित प्लाटिंग बताया जा रहा है। ऐसे में अब इस पूरे इलाके में बाढ़ जैसे हालात होने के चलते यहां घर बनाकर रहने वाले लोग भू-माफिया के प्रति अपना आक्रोश व्यक्त कर रहे हैं।
स्थानीय लोगों का कहना है कि जब जमीन प्लाटिंग कर लोगों को बेची गई थी, तब उन्हें बताया गया कि यहां बारिश के पानी का कोई खतरा नहीं है। इतना ही नहीं प्रॉपर्टी डीलरों ने नदी किनारे वाले हिस्से में बड़े-बड़े पुश्ते और सुरक्षा दीवारें बनाने का वादा किया था। लेकिन ऐसा कुछ न कर भू-माफिया प्लाटिंग कर निकल गए और लोगों को यहां अब बारिश के कारण जानलेवा नदियों का सामना करना पड़ रहा है।

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