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10 साल बाद मिला सच्चा धाम को न्याय, न्यायालय ने पक्ष में सुनाया फैसला

ऋषिकेश। सच्चा धाम संस्था के वैदिक संस्थान से जुड़े मामले में 10 साल बाद पीड़ित पक्ष को न्याय मिल पाया है। न्यायालय ने नवंबर 2011 से चले आ रहे मामले में अपना पक्ष सुनाते हुए सच्चा धाम आश्रम के पक्ष में फैसला सुनाया है।
बता दें कि सच्चा धाम तपोवन में धार्मिक संस्था वैदिक संस्थान में गुरु स्वामी हंसराज को जीवन काल के लिए संस्था के संकट संरक्षक के नियुक्त किया गया था लेकिन स्वामी हंसराज के ब्रह्मलीन होने के बाद अचानक रविंद्र पुत्र कान सिंह ने वसीयत पेश कर खुद को संस्था का अगला संरक्षक घोषित कर दिया और कार्य पदाधिकारियों को डराने धमकाने के बाद अध्यक्ष अध्यक्ष योगेश कर द्वारा इस्तीफा दे दिया गया और सुरेंद्र कुमार मित्तल को नवंबर 2011 में अध्यक्ष बना दिया गया था। इसके बाद अध्यक्ष सुरेंद्र मित्तल ने तुरंत दिसंबर 2011 में रविंद्र पुत्र कान सिंह के खिलाफ अदालत ने दो सिविल मुकदमे दायर की है। जिसमें न्यायालय ने सच्चा धाम आश्रम के पक्ष में फैसला सुनाया है।

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