उत्तराखंडदुष्कर्म

नाबालिग से दुष्कर्म के दोषी को 20 साल की सजा, कोर्ट ने लगाया 40 हजार का जुर्माना

चार युवकों के खिलाफ दर्ज किया गया था मुकदमा

एक दोषी का पैदा हुई बच्ची से डीएनए हुआ था मैच
डीएनए के आधार पर पंकज रावत को हुई सजा

कोटद्वार, 1 अक्टूबर। पौड़ी विशेष सत्र न्यायाधीश सिकंद कुमार त्यागी की अदालत ने नाबालिग से दुष्कर्म के अभियुक्त को 20 साल की कैद की सजा सुनाई है। अदालत ने दोषी पर 40 हजार का अर्थदंड भी लगाया है। अर्थदंड जमा नहीं किए जाने पर छह माह के अतिरिक्त कारावास की सजा भुगतनी होगी। अदालत ने जिला विधिक सेवा प्राधिकरण को भी नाबालिग पीड़िता को प्रतिकर दिए जाने के आदेश दिए हैं।

पौड़ी जिले की जाखणीखाल तहसील की नाबालिग को मई 2020 में पेट में दर्द की शिकायत पर उसके परिजन अस्पताल ले गए। उपचार के दौरान डाक्टरों ने नाबालिग को सात माह से अधिक की गर्भवती बताया था। इसके बाद नाबालिग ने परिजनों को गांव के ही 4 युवकों द्वारा दुष्कर्म की घटना को अंजाम दिए जाने की जानकारी दी। इसके बाद दुष्कर्म के मामले में राजस्व पुलिस ने पॉक्सो सहित अन्य धाराओं में चारों युवकों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया था। राजस्व पुलिस ने कुछ समय बाद मामला रेगुलर पुलिस को सौंप दिया। तब पुलिस ने चारों आरोपितों को गिरफ्तार कर मामले की जांच शुरू की। जांच के दौरान नाबालिग ने एक बच्ची को जन्म भी दिया। पुलिस ने पीड़िता, उसकी बच्ची के साथ ही चारों आरोपितों के डीएनए सैंपल भी विधि विज्ञान प्रयोगशाला देहरादून भेजे थे, जहां एक आरोपित का डीएनए नवजात शिशु से मैच हो गया। इस पर पुलिस ने आरोपित पंकज रावत के खिलाफ कोर्ट में आरोप पत्र दाखिल कर दिया। विशेष सत्र न्यायाधीश पौड़ी सिकंद कुमार त्यागी की अदालत ने दोनों पक्षों की बहस सुनने के बाद पंकज रावत को नाबालिग से दुष्कर्म का दोषी ठहराते हुए उसे 20 वर्ष के कारावास की सजा सुनाई है।

सुनवाई के दौरान पेश हुए 10 गवाह
कोटद्वार। विशेष लोक अभियोजक (पॉक्सो) विजेंद्र सिंह रावत ने बताया कि अदालत ने पीड़िता को प्रतिकर दिए जाने के लिए जिला विधिक सेवा प्राधिकरण पौड़ी को आदेश दिए हैं। बताया कि मामले में अभियोजन पक्ष की ओर से 10 गवाह पेश किए गए थे।

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