उत्तर प्रदेशलखनऊ

प्रियंका गांधी को पुलिस ने हिरासत में लिया, जा रही थीं आगरा

अरुण बाल्मीकि के परिवार से मिलने का था कार्यक्रम

लखनऊ, 20 अक्टूबर। आगरा रवाना हुई प्रियंका गांधी का काफिला लखनऊ में रोक दिया गया। वो लखनऊ से आगरा जा रही थीं। प्रियंका गांधी के काफिले को रोकने के लिए सड़क पर ट्रक लगाकर अवरुद्ध कर दिया गया। प्रियंका गांधी को इस तरह से रोके जाने पर कांग्रेस पार्टी के कार्यकर्ताओं की पुलिस के साथ नोक-झोंक भी हुई। इसके बाद पुलिस ने प्रियंका गांधी को हिरासत में ले लिया।

कांग्रेस की राष्ट्रीय महासचिव प्रियंका गांधी को आगरा एक्सप्रेस वे पर भारी संख्या में तैनात पुलिस बल ने रोक लिया। इस पर प्रियंका गांधी की पुलिसकर्मियों से बहस भी हुई। कांग्रेस कार्यकर्ता नारेबाजी करने लगे तो पुलिस ने हल्का बल प्रयोग कर उनको हटाया। प्रियंका गांधी जिद पर अड़ी है कि वो हर हाल में आगरा में मृतक अरुण वाल्मीकि के परिवार से मिलकर रहेंगी। पुलिस उन्हें नहीं रोक सकती है। पुलिस पूरी कोशिश में जुटी है कि प्रियंका को वापस लखनऊ भेज दिया जाए, लेकिन प्रियंका मानने को तैयार नहीं दिखीं। प्रियंका गांधी को एक्सप्रेस वे पर रोकने से कार्यकर्ता सड़क पर उतर आए। प्रदेश अध्यक्ष अजय कुमार लल्लू के साथ आचार्य प्रमोद कृष्णम ने भी पुलिस से बहस करनी शुरू कर दी। कार्यकर्ताओं ने पुलिस को प्रियंका के पास आने से रोकने का प्रयास किया तो पुलिस ने प्रदेश अध्यक्ष और कार्यकर्ताओं को किनारे हटा दिया।

प्रियंका गांधी ने योगी सरकार पर निशाना साधा और कहा कि प्रशासन ही कारण जाने की उन्होंने मुझे क्यों रोका है। शायद प्रशासन चाहता है कि मैं पूरे दिन अपने गेस्ट हाउस में ही बैठी रहूं। मुझे सिर्फ कांग्रेस के दफ्तार जाने की इजाजत है। मैं कहीं भी जाती हूं तो ये मुझे रोक देते हैं।प्रियंका गांधी ने कहा कि भगवान जाने क्यों ये लोग तमाशा करना चाहते हैं, मैंने तो कहा है कि मैं जाऊंगी इंतजार करने के लिए तैयार हूं। हर बार बोलते हैं कि धारा 144 लागू है। कानून व्यवस्था का मसला है। मैं पीएम साहब की रैली में तो नहीं जा रही हूं। वहां हजारों लोग बैठे हैं, वहां 144 लागू नहीं है। बता दें कि इससे पहले भी लखीमपुर में किसानों को कार से कुचल देने की घटना के बाद रात में ही प्रियंका गांधी लखनऊ से लखीमपुर के लिए निकल पड़ी थीं। पुलिस ने उन्हें लाख रोकने का प्रयास किया, लेकिन सीतापुर की सीमा में दाखिल हो गईं और यहां पर तीन दिन तक पुलिस हिरासत में भी रहीं। आखिरकार पुलिस को लखीमपुर में पीड़ित किसान परिवारों से मिलने की इजाजत प्रियंका को देनी ही पड़ी।

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