उत्तराखंड

ऋषि, संत और महापुरुष किसी धर्म और जाति विशेष वर्ग के नहीं होते : विधानसभा अध्यक्ष

ऋषिकेश 20 अक्टूबर। बाल्मीकि जयंती के अवसर पर त्रिवेणी घाट पर वाल्मीकि समाज द्वारा एक भव्य कार्यक्रम का आयोजन किया गया कार्यक्रम का शुभारंभ उत्तराखंड विधानसभा अध्यक्ष प्रेमचंद द्वारा किया गया। अग्रवाल ने कहा की ऋषि, संत और महापुरुष किसी धर्म और जाति विशेष वर्ग के नहीं होते। ऐसे महापुरुष समाज और मानव कल्याण के लिए जीवन भर कार्य करते हैं। हमें ऐसे महापुरुषों के बताए हुए मार्ग पर चलने की आवश्यकता है ताकि भारत एक बार फिर विश्व गुरु कहलाया जा सके।इस अवसर पर विधानसभा अध्यक्ष ने त्रिवेणी घाट पर स्थित बाल्मीकी जी का मंदिर भव्य बनाए जाने के लिए विधायक निधि से 3 लाख रुपये देने की घोषणा की।

इस अवसर पर बाल्मीकि समाज द्वारा विधानसभा अध्यक्ष का माल्यार्पण कर जोरदार स्वागत किया गया वहीं विधानसभा अध्यक्ष ने भी कार्यक्रम में उपस्थित बुजुर्गों को भी माल्यार्पण कर सम्मानित किया।इस अवसर पर अग्रवाल ने कहा की महाकाव्य रामायण के रचयिता की जयन्ती श्रद्धा एवं हर्षोल्लास के साथ मनायी जाती है। महर्षि वाल्मीकि ने आदिकाव्य रामायण की रचना कर लोगों को सत्य एवं कर्तव्य परायणता पर चलने का मार्ग दिखाया। भगवान श्रीराम की गाथा को देश-दुनिया में पहुंचाने का श्रेय महर्षि वाल्मीकि को जाता है। अग्रवाल ने कहा कि मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्री राम का जीवन हम सभी को त्याग, मर्यादाओं के पालन और कर्तव्य परायणता की सीख देता है। भगवान श्री राम से हमें सदैव धर्म का अनुसरण करते हुए जीवन जीने की प्रेरणा मिलती है। उनके द्वारा दी गई शिक्षा और आदर्शों को अपनाकर प्रगतिशील एवं समरसतायुक्त समाज का निर्माण किया जा सकता है।
इस अवसर पर अनुसूचित मोर्चा के प्रदेश उपाध्यक्ष सुभाष वाल्मीकि, मंडल अध्यक्ष ऋषिकेश दिनेश सती, कार्यक्रम अध्यक्ष अनिल खन्ना, अशोक कुमार, युवा वाल्मीकि सभा के अध्यक्ष जितेंद्र भारती, पूर्व सभासद विशाल खेरवाल, पार्षद राजेश दिवाकर, पार्षद शिव कुमार गौतम, कुलदीप ममचल, विक्की खेरवाल, गोपाल, सुलेखा वाल्मीकि, संजीव, महेश वाल्मीकि सहित अन्य लोग उपस्थित थे।

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