उत्तराखंडकोविड-19

तीसरी लहर को लेकर प्रदेश सरकार सतर्कः धामी

फिर शुरू हुआ कोरोना पाबंदियों का दौर

उत्तराखंड आने वाले यात्रियों का होगा कोरोना टेस्ट


देहरादून। कोरोना संक्रमितों की बढ़ती संख्या और कोरोना के नए वेरिएंट ओमी क्रोन की दहशत के बीच उत्तराखंड शासन-प्रशासन अलर्ट मोड पर आ गया है  मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी का इस बाबत कहना है कि उनकी सरकार तीसरी लहर को लेकर पूरी तरह से सतर्क है।
हालात को देखते हुए राज्य के बॉर्डर पर आरटीपीसीआर की जांच फिर से शुरू की जा सकती है वहीं कोरोना टेस्टिंग बढ़ाने और टीकाकरण की गति बढ़ाने जैसे मुद्दों पर दिशा निर्देश दिए जा सकते हैं। सार्वजनिक स्थलों शादी समारोह, कार्य स्थलों,ं होटल और मॉल के लिए भी सरकार नए नियम ला सकती है। उल्लेखनीय है इसी महा मुख्य सचिव द्वारा कोरोना गाइडलाइन को समाप्त करते हुए सभी पाबंदियां हटा दी गई थी सिर्फ भीड़भाड़ वाली जगहों पर सोशल डिस्टेंसिंग और मास्क की अनिवार्यता पर नियम लागू रहने की बात कही गई थी। जिसका कहीं भी अनुपालन नहीं किया जा रहा था।
उधर डीजी हेल्थ डॉक्टर तृप्ति बहुगुणा का कहना है कि राज्य में कोरोना की तीसरी लहर का असर दिखने लगा है उनका कहना है कि सोशल डिस्टेंसिंग का पालन न करने वाले और मास्क न लगाने वालों के खिलाफ स्वास्थ्य विभाग सख्त कार्रवाई करेगा। स्वास्थ्य मंत्री धन सिंह रावत ने कोरोना के बढ़ते मामलों के मद्देनजर सभी निजी और सरकारी अस्पतालों को दिशा निर्देश जारी कर दिए गए हैं। जिसमें इन अस्पतालों से किसी स्थिति से निपटने के लिए तैयार रहने को कहा गया है।
हालांकि अभी राज्य में कोरोना की तीसरी लहर को लेकर कोई नए नियम कानून लागू नहीं किए गए हैं सिर्फ केंद्र सरकार के निर्देशों पर काम चल रहा है।

स्वास्थ्य विभाग ने सख्ती बरतनी शुरू की
डीजी हेल्थ डॉ. तृप्ति ने सभी जिलों को निर्देश उत्तराखंड में कोरोना के लेकर बरती गई लापरवाही  पड़ने लगी है। प्रदेश में लगातार कोरोना के नए मामले सामने आ रहे है। ऐसे में शासन-प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग ने पहले की तरह सख्ती बरतनी शुरू कर दी है। उत्तराखंड डीजी हेल्थ डॉ. तृप्ति बहुगुणा ने सभी जिलों को निर्देश जारी किए है कि बाहरी राज्यों से आने वाले लोगों में यदि कोरोना का कोई भी लक्ष्ण दिखे उनका तत्काल कोरोना टेस्ट किया जाए। यदि रिपोर्ट पॉजिटिव आती है तो उसे 14 दिन के आइसोलेट किया जाए। जिले और प्रदेश की सीमा पर कोविड का टेस्ट किया जाए। इसके साथ ही ये आदेश भी जारी किए गए है कि यदि कोई व्यक्ति 72 घंटे पहले की कोविड रिपोर्ट दिखाता है तो उसका बार्डर पर टेस्ट नहीं किया जाएगा।
उत्तराखंड में कोरोना को कुल 89 हफ्ते हो चुके हैं। बीते कुछ समय से उत्तराखंड में कोरोना से हालात काबू में थे लेकिन हाल में प्रदेश में अंदर कोरोना दोबारा से पैर पसारने लगा है। प्रदेश में इस समय एक्टिव केसों (जिनका इलाज चल रहा हैं) की संख्या 176 हैं। रविवार शाम की रिपोर्ट के मुताबिक उत्तराखंड में बीते 24 घंटे में कोरोना के 36 नए मरीज आए है। वहीं बीते हफ्ते 21 से 27 नवंबर के बीच की बात करें तो प्रदेश कोरोना के कुल 88 मामले सामने आए हैं।

उत्तराखंड में फिर बढ़ रहा संक्रमण, जांच हो रही कम
प्रदेश में कोरोना संक्रमण का खतरा एक बार फिर बढ़ रहा है। प्रदेश में संक्रमितों की बढ़ती संख्या  इसकी तस्दीक करती है, लेकिन इसके उलट कोविड सैंपल जांच की रफ्तार कम हो रही है। प्रदेश में प्रतिदिन औसतन आठ हजार सैंपलों की जांच की जा रही है। हाल यह है कि साढ़े नौ महीनों में बीते सप्ताह में सबसे कम सैंपलिंग हुई है। पिछ्ले सात दिनों मे सिर्फ 55,865 टेस्ट हुए, जो 40,000 टारगेट की तुलना में 80 प्रतिशत कम यानी 8,000 दैनिक टेस्ट हुए। स्वास्थ्य विभाग को टेस्ट स्पीड तुरंत तेज करनी चाहिये। तभी कोरोना पर काबू पाया जा सकता है।

सीएम धामी करेंगे हाई लेवल कमेटी की बैठक
उत्तराखंड में बढ़ते कोरोना केसों ने राज्य सरकार और स्वास्थ्य विभाग की चिंताएं बढ़ा दी हैं। जिसे लेकर आज शाम मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी हाई लेवल कमेटी की बैठक करेंगे। उत्तराखंड स्वास्थ्य सचिव अमित नेगी ने राज्य में बाहर से आने वालो पर सख्त नजर रखने के निर्देश जारी किए हैं और बाहरी राज्यों से आने वाले किसी भी यात्री में कोरोना के लक्षण दिखाई देने पर कोविड जांच कर 14 क्वारंटाइन करने को कहा है।

कोरोना निगेटिव रिपोर्ट किया जा सकता है अनिवार्य
माना जा रहा है कि उत्तराखंड में बाहरी राज्यों से आने वाले सभी लोगों के लिए एक बार फिर से कोविड की नेगेटिव रिपोर्ट अनिवार्य की जा सकती है। स्वास्थ्य सचिव अमित नेगी ने कहा कि आज शाम की बैठक में यह फैसला लिया जा सकता है। साथ ही कहा कि कोरोना मामले आने के बाद स्वास्थ्य विभाग लगातार नजर बनाए हुए हैं। कंटेनमेंट जोन बनाए गए हैं। प्रदेश में लगातार मॉनिटरिंग की जा रही है। इसके अलावा सीएमओ और जिलाधिकारी को अपने-अपने जिलों में विशेष एहतियात बरतने के लिए कहा गया है।

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