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सीडीएस बिपिन रावत का विमान एमआई 17 वी-5 क्रैश, विमान में 14 लोग थे सवार, 13 के मरने की सूचना

तमिलनाडु कोयम्बटूर व सुलूर के बीच कुन्नूर में हुआ हादसा सीडीएस वेलिंगटन स्टाफ कॉलेज में गेस्ट लेक्चर देने जा रहे थे

रावत के 70 से 80 प्रतिशत जलने की सूचना
देहरादून। सीडीएस बिपिन रावत अपने परिवार व स्टॉप के साथ बुधवार को वेलिंगटन स्टाफ कॉलेज जा रहे सेना के हेलीकाप्टर एमआई 17 वी-5 तमिलनाडु कोयम्बटूर व सुलूर के बीच कुन्नूर में एक बड़े हादसे का शिकार हो गया है। इस हेलीकाप्टर में देश के सबसे बड़े सैन्य अधिकारी सीडीएस जनरल बिपिन रावत, उनका परिवार व अन्य सेना अधिकारी सवार थे। सेना के जवानों द्वारा सीडीएस व उनकी पत्नी को वेलिंगटन सेना अस्पताल में भर्ती करवाया गया है। हादसे में 13 सेना के अधिकारियों की जान गई है।
दोपहर तमिलनाडु के सुलूर एयर बेस से वेलिंगटन स्टाफ कॉलेज में दोपहर 2.45 बजे गेस्ट लेक्चर देने जा रहे सीडीएस जनरल बिपिन रावत का हेलीकॉटर भारतीय सेना के एमआई 17 वी-5 चॉपर कोयम्बटूर व सुलूर के बीच जनपद नीलगिरी के कुन्नूर के चाय के बागानों में तकनीकी खराबी के चलते हादसे का शिकार हो गया। वेलिंगटन में लैंडिंग को 10 मिनट पहले यह हादसा हुआ। यह हादसा जहां हुआ है वह वेलिंगटन से 8 किमी की दूरी पर स्थित है। उस हेलीकाप्टर में सीडीएस जनरल बिपिन रावत, उनकी पत्नी मधुलिका रावत, ब्रिगेडियर एलएस लिड्डा, लेफ्टिनेंट कर्नल हरिंदर व बिपिन रावत को लेने आये स्टाफ कॉलेज के 3 अधिकारी, 5 पर्सनल सिक्योरिटी ऑफिसर्स, विंग कमांडर ऑफिसर्स समेत कुल 14 लोग मौजूद थे।
जानकारी के अनुसार सेना का हेलीकाप्टर हादसों की सूचना सबसे पहले चाय के बागानों में काम करने वालों ने स्थानियों अधिकारियों को दी गयी, जिन्होंने सेना विभाग को घटना की जानकारी दी। रेस्क्यू टीम के पहुंचने से पूर्व ही स्थानियों ने राहत कार्य करना प्रारंभ कर दिया था हालांकि हेलीकाप्टर क्रैश होने के साथ ही जोरदार धमाका हुआ जिसके चलते स्थानियों को भी बचाव कार्य करने में दिक्कतों का सामना करना पड़ा। आग बुझाने में तकरीबन डेढ़ घंटे की मशक्कत के बाद बचाव कार्य शुरू हो पाया। स्थानीय प्रशासन के अनुसार हेलीकॉप्टर में अत्यधिक तेल होने के चलते हादसे में टेल के अलावा कुछ नही बचा। इसके साथ ही घटनास्थल के 3-4 पेड भी जलकर खाक हो गए।

रक्षा मंत्रालय हादसे पर बनाए हुए है नज़र
देहरादून। हादसे की सूचना पर रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने सेना के अधिकारियों व एयर फोर्स को तुरंत मौके पर रवाना किया। भारतीय सेना ने सीडीएस जनरल बिपिन रावत उनकी पत्नी समेत 3 लोगों को बचाया गया है। सूत्रों के अनुसार जनरल बिपिन रावत को 70 से 80 प्रतिशत बर्न इंजरी हुई है। उनको प्राथमिक उपचार के लिए वेलिंगटन अस्पताल में भर्ती करवाया गया व जहां उपचार के दौरान उनकी मौत हो गई। वेलिंगटन स्थानीय प्रशासन ने हादसे में 13 लोगों की मौत होने की पुष्टि की गई है। मुख्यमंत्री तमिल नाडु भी घटना के बाद स्टालिन भी कुन्नूर पहुंचे। हादसे की सूचना पर वायु सेना अध्यक्ष वी आर चौधरी व कई वरिष्ठ सेनाधिकारियों वेलिंगटन में मौजूद है।
वहीं केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह हादसे पर लगातार नज़र बनाए हुए हैं। उन्होंने हादसे के बाद कैबिनेट बैठक में घटना की जानकारी दी गयी। जिसके बाद उन्होंने रक्षा मंत्रालय में वरिष्ठ सेना अधिकारियों को हालत पर नज़र बनाये रखने को निर्देश दिये है।
सूत्रों के अनुसार हादसे की वजह स्पष्ट नही हो पाई है। घटना की स्पष्टता के लिए रक्षा मंत्री ने वायु सेना अध्यक्ष वीआर चौधरी को हादसे की कोर्ट ऑफ इन्क्वारी करने के आदेश दिए है।
भारतीय सेना का सबसे सुरक्षित व ताकतवर हेलीकॉटर माने जाने वाले एमआई-17 में भारतीय सेना के महत्वपूर्ण आपरेशन किये जाते है। जिसको प्रधामंत्री, रक्षा मन्त्री समेत सीडीएस, सेनाध्यक्ष आदि भी इनका करते हैं।

45 मिनट देरी से पहुंची मदद
देहरादून। सीडीएस जनरल बिपिन रावत का हेलीकाप्टर हादसा जहां हुआ वह स्थान कुन्नूर के मुख्य सड़क से डेढ़ किलोमीटर अंदर है व चाय बागान होने के चलते घना व सीढ़ीनुमा है जिसके चलते राहत टीम को बचाव कार्यों में पहुंचने को 45 मिनट की देरी लगी। वहीं स्थानियों ने बचाव कार्य को आस पास के घरों में मौजूद चादरों में ही घायलों को मलबे से बाहर निकाला।

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