उत्तराखंडशिक्षा

*केक मिक्सिंग सेरेमनी में महकी पहाड़ी व्यंजनों की खुशबू*

*-एसआरएचयू की ओर से प्रशिक्षितों द्वारा संचालित होम-स्टे के लिए मेन्यू का विमोचन किया गया*

*-एसआरएचयू दे रहा राज्य के युवाओं को होम-स्टे संचालन का प्रशिक्षण*

डोईवाला, 23 दिसंबर। स्वामी राम हिमालयन विश्वविद्यालय (एसआरएचयू) जॉलीग्रांट में हिमालयन स्कूल ऑफ वोकेशनल स्टडीज एंड स्किल डेवलपमेंट की ओऱ से क्रिसमस व नए वर्ष के उपलक्ष्य में केक मिक्सिंग सेरेमनी आयोजित की गई। इस अवसर पर विश्वविद्यालय कलिनरी मैनेजमेंट के छात्र-छात्राओं ने उत्तराखंड के पारंपरिक भोजन को परोसा।

बुधवार को एसआरएचयू जॉलीग्रांट के हिमालयन स्कूल ऑफ वोकेशनल स्टडीज एंड स्किल डेवलपमेंट में आयोजित केक मिक्सिंग सेरेमनी आयोजित की गई। इसमें सूखे मेवे-किशमिश, काजू, बादाम, आलूबुखारा और आड़ू, मेवा, अनाज और मसालों को एक साथ मिलाकर मिश्रण को एक मिक्सिंग बर्तन में मिलाया गया। कुलपति डॉ.विजय धस्माना ने विश्वविद्यालय के फूड प्रोडक्शन लैब का निरीक्षण किया। साथ ही उन्होंने छात्र-छात्राओं का उत्साहवर्धन किया। इस अवसर पर प्रति कुलपति डॉ. विजेंद्र चौहान, रजिस्ट्रार डॉ. सुशीला शर्मा, डॉ.प्रकाश केशवया, डॉ.रेनू धस्माना, डॉ. मुकेश बिजल्वाण, सहायक उपाध्यक्ष लर्नेट स्किल्स रमेश पेटवाल, केंद्र प्रबंधक संजीव बिंजोला, शेफ अक्षय थपलियाल, प्रबंधक गुरदीप सिंह, समन्वयक प्राची सहित विभिन्न कॉलेजों डीन उपस्थित रहे।

*पहाड़ी व्यंजनों की महकी खुशबू*
एसआरएचयू में आयोजित केक मिक्सिंग सेरेमनी में बैचलर ऑफ वोकेशन स्टडीज के कलिनरी मैनेजमेंट के छात्रों ने स्थानीय उत्तराखंडी पारंपरिक भोजन तैयार करके सभी उपस्थित अतिथियों के सामने अपने कौशल का प्रदर्शन किया। पहाड़ी मेन्यू में तूर दाल, फाणु का साग, मंडवे की रोटी, हरी सब्जी, झंगोरा की खीर शामिल थी। कुलपति डॉ.विजय धस्माना सहित मौजूद विश्वविद्यालय के अन्य पदाधिकारियों ने उत्तराखंड के पारंपरिक पहाड़ी भोजन की उपस्थित लोगों ने सराहना की।

*होम-स्टे के लिए मेन्यू का विमोचन*
कार्यक्रम में होमस्टे के लिए उत्तराखंड के पारंपरिक व्यंजनों पर मेन्यू को कुलपति डॉ. विजय धस्माना और लर्नेट स्किल्स क सहायक वाइस प्रेसिडेंट रमेश पेटवाल संयुक्त रूप से विमोचन किया गया। एसआरएचयू की ओर से प्रशिक्षितों द्वारा संचालित होम-स्टे में रखा जाएगा। कुलपति डॉ.विजय धस्माना ने कहा कि हमारा फोकस ऐसे कोर्स शुरू करने पर है जिनके माध्यम से युवा नौकरी की बजाय खुद का व्यवसायी कर आत्मनिर्भर बनकर समाज के लिए प्रेरणास्रोत बन सकते हैं। विश्वविद्यालय के विशेषज्ञ विभिन्न चरणों में प्रदेश के करीब 1000 युवाओं को प्रशिक्षित करेगा। शुरुआती दौर में 100 युवाओं को निशुल्क प्रशिक्षण दिया जा चुका है।

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