उत्तराखंडविवाद

भाजपा पार्षद व देहरादून महानगर महिला मोर्चा की अध्यक्ष कमली भट्ट सहित 6 लोगों पर जमीन कब्जाने में (परिवाद) कंपलेट केस दर्ज

अनुसूचित जाति के व्यक्ति विनोद कुमार ने न्यायालय में लगाई थी न्याय की गुहार

– डांडा धर्मपुर बद्रीश कालोनी में विवादित जमीन का मामला
– पार्षद कमली भट्ट और उनके साथ आए असामाजिक तत्वों पर हैं विनोद की भूमि कब्जाने का आरोप

देहरादून। देहरादून के डांडा धर्मपुर, बद्रीश कालोनी निवासी शिकायतकर्ता विनोद कुमार के मामले की सुनवाई करते हुए विशेष न्यायाधीश (एसी/एसटी एक्ट) पंचम अपर सत्र न्यायाधीश देहरादून आशुतोष कुमार मिश्रा ने अपना फैसला सुनाते हुए जमीन कब्जाने के मामले में भाजपा पार्षद व देहरादून महानगर महिला मोर्चा की अध्यक्ष कमली भट्ट सहित 6 लोगों पर (परिवाद) कंपलेट केस दर्ज करने का आदेश दिया है। कमली भट्ट सहित अन्य 6 लोगों में अनिरूद्व भट्ट, अतुल शर्मा, सूरज रावल, धनंजय ठाकुर, प्रदीप भंडारी व अन्य के खिलाफ मामला दर्ज करने के आदेश दिये हैं।

विशेष न्यायाधीश (एसी/एसटी एक्ट) पंचम अपर सत्र न्यायालय में वरिष्ठ एडवोकेट जीसी शर्मा व एडवोकेट विकेश सिंह नेगी ने पीड़ित व्यक्ति विनोद कुमार की तरफ से मामले की पैरवी की। अधिवक्ताओं द्वारा न्यायालय को अवगत कराया गया कि मामला 30 सितम्बर 2021 का है। शिकायतकर्ता विनोद कुमार के अनुसार उक्त दिन अतुल शर्मा स्वयं और 8-10 अन्य आसामाजिक लोगों के साथ आया और प्रार्थी की प्रॉपर्टी पर लगे मुख्य गेट पर जोर-जोर से लात मारने लगे और प्रार्थी को जाति सूचक गालियां दी। विनोद के मुताबिक उसे लाठी डण्डो से भी पीटा गया। इन लोगों ने वहां अन्य लोगों के साथ भी अभद्र व्यवहार किया और विवादित जमीन को कब्जाने की कोशिश की। विनोद कुमार के अधिवक्ता एडवोकेट विकेश नेगी के अनुसार विनोद ने इस घटना की जानकरी 112 नम्बर पर अपने फोन से फोन कर दी। उसका आरोप है कि नेहरू कालोनी थाने में उसका शिकायती पत्र तथा मारपीट का मेडिकल की रिसीविंग भी नहीं दी गयी। इसके बाद उसने अगले दिन डाक के माध्यम से सूचना प्रेषित की गयी।

इसके दूसरे दिन पार्षद कमली भट्ट और उनके साथ आए असामाजिक तत्वों ने भी विनोद की भूमि कब्जाने की कोशिश की। अधिवक्ताओं द्वारा कोर्ट को बताया गया कि पुलिस ने दोषियों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की। सूचना के अधिकार अधिनियम के तहत मांगी गयी जानकारी में पुलिस ने विनोद के आरोपों और तथ्यों को गलत करार दिया।

एडवोकेट विकेश सिंह नेगी ने कहा इस पूरे मामले में खानापूर्ति के लिए उपनिरीक्षक से जांच करवायी गई जो नियम विरूध है। एसटीएसी मामले में केवल सीओ लेवल का अधिकारी ही जांच कर सकता है। विनोद हरिजन जाति का व्यक्ति है और विगत कई वर्षों से उक्त भूमि पर काबिज काश्त करता चला आ रहा है। मामले की सुनवाई के बाद कोर्ट ने भाजपा पार्षद व देहरादून महानगर महिला मोर्चा की अध्यक्ष कमली भट्ट सहित 6 लोगों पर जमीन कब्जाने में (परिवाद) कंपलेट केस दर्ज करने के आदेश दिए हैं।

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