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बदहाल स्वास्थ्य व्यवस्था, पहाड़ में डंडी-कंड़ी के साहारे बीमार बनाल पट्टी के गौल- अरूण गांव के लोगों का ऐलान रोड नहीं तो वोट नहीं

उत्तरकाशी। प्रखंड नौगांव के अंतर्गत बनाल पट्टी के अंतिम अरूण व गौल गांव के लोग बुनियादी सुविधा सड़क सुविधा न होने से परेशान हैं। बीते शनिवार को गांव के 80 वर्षीं बुजुर्ग कुंदन सिंह का की तबीयत खराब हो गई गांव तक सड़क न होने के कारण गांव के लोगों ने बीमार को एक डंडे पर कंबल लपेटकर मरीज को उस कंबल में रखकर गांव से किसी तरह सड़क मार्ग तक पहुंचा और बाद में उन्हें अस्पताल पहुंचाया।
क्षेत्र के सामाजिक कार्यकर्ता रोहित जुडियाल ने बताया है कि बनाल पट्टी के अंतिम गांव गौल और अरूण गांव  के लिए सड़क न होने का खामियाजा लोग आए दिन भुगत रहे हैं। उन्होंने कहा कि  2015 में सरकार ने सड़क स्वीकृत की थी, लेकिन 6 साल बीतने के बाद भी लोनिवि व सरकार ने कोई सुध तक नहीं ली है। गांव के रोहीत जुडियाल, संदीप चौहान, रोहित जुडियाल, दीपैन्दर चौहान, अनुप चौहान ,सरदार चौहान कपील चौहान, सुरेश जुडियाल, राजेदर जुडियाल, खेमराज जुडियाल, प्रकाश जुडियाल ,मनमोहन जुडियाल, नरेश जुडियाल, रवेदर जुडियाल, अमीत जुडियाल आदि युवकों ने बैठक कर कहा कि आगामी विधानसभा चुनाव में सड़क नहीं तो वोट भी नहीं देंने  का निर्णय लिया। सड़क न होने के कारण उक्त ग्रामीणों की गर्भवती महिला को आपदा से ध्वस्त पैदल रास्तों से डोली के सहारे मिलों पैदल चलकर सड़क  मार्ग तक पहुंचाना पड़ता है। गांव में महिलाओं का सुरक्षित प्रसव की कोई  सुविधा नहीं  है। गांव के सामाजिक कार्यकर्ता रोहित जुडियाल ने बताया कि कांग्रेस सरकार के समय में सड़क का निर्माण कार्य तो शुरू हुआ, लेकिन सरकार बदलने के बाद सड़क निर्माण का कार्य शुरू नहीं हो सका है। जिले के अंतिम गांव  में सड़क न होने के कारण लोगों को आए दिन परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। गांव में मूलभूत सुविधा न होने से काफी दिक्कतें हो रही हैं।

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