उत्तराखंडसियासी हलचल

कांग्रेस के टिकट बंटवारे में तलवारे म्यान से बाहर होने के आसार, हरीश रावत-प्रीतम सिंह गुट अपने-अपने समर्थकों दिला रहे दिलासा

नए राजनीतिक समीकरणों ने बिगाड़ा नेताओं का गणित

आज दिल्ली में होनी है कांग्रेस स्क्रीनिंग कमेटी की बैठक


देहरादून। उत्तराखंड विधानसभा चुनाव 2022 को फतह करने के लिये कांग्रेस में टिकट बंटवारे को लेकर कवायद तेज हो गई है, स्क्रीनिंग कमेटी ने देहरादून-हल्द्वानी सहित कई शहरों में जाकर टिकट के दावेदारों से वार्ता कर फीडबैक से पार्टी आलाकमान को रिपोर्ट सौंप दी है। कल (आज) दिल्ली में उत्तराखण्ड के क्षत्रपों के साथ स्क्रीनिंग कमेटी की बैठक होने जा रही है, इस बैठक में कांग्रेस प्रदेश प्रभारी, सह प्रभारी, चुनाव अभियान समिति के अध्यक्ष, नेता प्रतिपक्ष आदि के शामिल होने की बात कही जा रही है।
टिकट बंटवारे से पहले ही जिस तरह से हरीश रावत के ट्वीट ने कांग्रेस में घमासान मचाया था, उसके बाद पार्टी हाईकमान का आशीर्वाद लेकर लौटे हरीश रावत और अधिक शक्तिशाली दिखाई दे रहें है, वहीं, प्रदेश अध्यक्ष से हटा कर नेता प्रतिपक्ष बनाए गये प्रीतम सिंह गुट को भी कम नही आंका जा सकता है, कांग्रेस में अब टिकट बंटवारें को लेकर घमासान होने के आसार है। पंजाब का विवाद सुलझाने के बाद से ही हरीश रावत उत्तराखण्ड में फ्री हेंड चाह रहे थे, मगर ट्वीट करने से पहले तक हरदा को मन माफिक काम करने की पूरी आजादी नही मिल सकी थी, यही वजह है कि हरीश रावत को ट्वीट के माध्यम से अपने तेवर दिखाने पड़ें। उत्तराखंड कांग्रेस चुनाव संचालन समिति के अध्यक्ष होने के नाते ओर प्रदेश अध्यक्ष गोदियाल का साथ मिलने से टिकटों के बंटवारे में हरीश रावत गुट का दबदबा होने के आसार है, मगर प्रीतम सिंह गुट की भी पार्टी हाईकमान में मजबूत पकड़ को देखते हुए टकराव बढ़ सकता है।
फिलहाल हरीश रावत को नेतृत्व सौंपने के बाद टिकट के निर्णय को लेकर स्थितियां काफी बदली हुई नजर आ रही हैं। हरीश रावत को कमान मिलने ओर यशपाल, संजीव, साहब सिंह सैनी, महेंद्र प्रताप सिंह, सुरेश गंगवार के कांग्रेस में आने से नए राजनीतिक समीकरण बन गये है। कहा जा रहा है कि कल (आज) भी कुछ भाजपा नेता कांग्रेस में शामिल हो सकते है। ऐसा हुआ तो पिछले पांच साल से पार्टी की सेवा-टिकट की दावेदारी कर रहें कांग्रेसियों को मायूसी ही हाथ लगेगी। हरदा-प्रीतम सिंह गुट अधिक से अधिक अपने चहेतों को टिकट दिलाना चाहते है, ताकि चुनाव बाद के हालात अपने पक्ष में किये जा सके। कुछ सीटे ऐसी भी हैं, जहां हरीश-प्रीतम गुट के नेता पहले ही आमने-सामने है। इन सीटों पर टिकट बंटवारा बिलकुल भी आसान नही है। यह बात भी कही जा रही है, कि प्रदेश की अधिकतर सीटों पर टिकट बंटवारे की पावर हरीश रावत के हाथों में रहेगी, ऐसा हुआ तो राज्य भर में अधिकतर प्रत्याशी हरीश रावत खेमे से होना तय है, हालांकि नए राजनीतिक समीकरण बनने-बिगड़ने से पार्टी हाईकमान प्रीतम सिंह गुट को भी नाराज करने का जोखिम नही लेना चाहेगा। कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल का कहना है कि नेतृत्व भले ही हरीश रावत को मिल गया हो, मगर टिकट बंटवारे के समय सभी से बातचीत के बाद प्रत्याशी घोषित किये जाएंगे।

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