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देश के पांच राज्यों में विधानसभा चुनाव आचार संहिता लागू सात चरणों में होंगे पांच राज्‍यों के विधानसभा चुनाव

10 फरवरी को होगा पहला मतदान
नई दिल्ली।  मुख्य निर्वाचन आयुक्त ने कहा- सभी 5 राज्यों के चुनाव कुल सात चरणों में पूरे होंगे। मणिपुर में दो चरणों में होगी वोटिंग। यूपी में 10 फरवरी को पहला फेज, 14 को दूसरा, 20 तीसरा, 23 चौथा फेज 27 मार्च को पांचवां, तीन मांर्च को छठा और सात मार्च को सातवें चरण का मतदान होगा। 10 मार्च को पांचों राज्‍यों में मतगणना होगी।
मुख्य निर्वाचन आयुक्त ने कहा- डोर-टु-डोर कैंपेन में भी अधिकतम पांच लोग ही शामिल हो सकेंगे। चुनाव प्रचार के दौरान कोरोना गाइडलाइंस का पूरी तरह अनुपालन सुनिश्चित करना होगा। इसमें शामिल होने वाले लोगों के लिए कोरोना से बचाव के लिए मास्क और सैनिटाइजर की व्यवस्था राजनीतिक दल ही करेंगे। मतगणना के बाद किसी भी तरह के विजय जुलूस की इजाजत नहीं होगी
कोरोना की चुनौतियों पर मुख्य निर्वाचन आयुक्त ने कहा- यकीन हो तो कोई रास्ता निकलता है, हवा की ओट लेकर भी चिराग जलता है। राजनीतिक दलों और उम्मीदवारों को हमारी सलाह है कि वे अपने चुनाव प्रचार कार्यक्रमों को डिजिटल मोड में ही चलाएं। 15 जनवरी तक कोई भी रोड शो, बाइक रैली, जुलूस या पद यात्रा की इजाजत नहीं होगी। यही नहीं 15 जनवरी तक कोई फीजिकल रैली भी नहीं आयोजित की जाएगी। बाद में डीटेल गाइडलाइंस जारी की जाएंगी।
सीएससी सुशील चंद्र ने कहा कि राजनीतिक दलों के सभी चुनावी कार्यक्रमों की वीडियोग्राफी कराई जाएगी। पार्टियों को अपने उम्मीदवारों की आपराधिक रिकार्ड की घोषणा अनिवार्य रूप से करनी होगी। यूपी, पंजाब और उत्तराखंड में हर उम्‍मीदवार 40 लाख रुपए ही खर्च कर पाएगा। वहीं मणिपुर और गोवा में उम्‍मीदवार के लिए चुनावी खर्च सीमा 28 लाख रुपए तक ही सीमित रहेगी।

उत्तराखण्ड में 14 फरवरी को होगा मतदान
देहरादून। उत्तराखंड समेत पांच राज्य में विधानसभा चुनाव की तारीखों का ऐलान हो गया है। मुख्य चुनाव आयुक्त सुशील चंद्रा ने पांच राज्यों में होने वाले विधानसभा चुनाव को लेकर एक प्रेसवार्ता की है। उत्तराखंड की 70 विधानसभा सीटों पर एक चरण में ही चुनाव के लिए 14 फरवरी को मतदान संपन्न होगा। ऐसे में आज से प्रदेश में आचार संहिता लागू हो जाएगी।
बता दें कि कोरोना संक्रमण के बीच चुनाव स्थगित होने की अटकलों पर विराम लग गया है। मुख्य चुनाव आयुक्त सुशील चंद्रा ने उत्तराखंड समेत पांच राज्यों में होने वाले विधानसभा चुनाव की तारीखों का ऐलान कर दिया है। आज से प्रदेश में आचार संहिता लागू हो गई है।
दरअसल, उत्तराखंड समेत उत्तरप्रदेश, पंजाब, गोवा तथा मणिपुर में विधानसभा चुनाव होने हैं। जिसे लेकर निर्वाचन आयोग ने अपनी तैयारियां परी कर ली है। बीते दिनों पांचों राज्यों का दौरा करने के बाद आयोग ने गुरुवार को स्वास्थ्य मंत्रालय से पांचों राज्यों की कोरोना वायरस तथा ओमिक्रोन संक्रमण की रिपोर्ट लेने के साथ वैक्सीनेशन का भी पूरा ब्योरा प्राप्त कर लिया था। ऐसे में आज चुनाव आयोग ने इन पांचों राज्य में चुनाव की तारीखों का ऐलान हो गया है।

900 पर्यवेक्षक रखेंगे नजर, संवेदनशील बूथों की वीडि‍योग्राफी
सीएससी सुशील चंद्र ने कहा कि धन बल और सरकारी मशीनरी के दुरुपयोग को लेकर हर बार की तरह इस बार भी जीरो टालरेंस की नीति रहेगी। इस बार कुल 900 पर्यवेक्षक चुनाव प्रक्रिया पर नजर रखेंगे। यदि जरूरी हुआ तो स्पेशल आब्जर्वर भी तैनात होंगे। संवेदनशील बूथों पर पूरे दिन वीडि‍योग्राफी कराई जाएगी। पांचों राज्यों में एक लाख से ज्यादा पोलिंग स्‍टेशनों का लाइव वेबकास्ट किया जाएगा।

अधिकतम मतदाताओं की संख्या 1500 से 1250 निर्धारित
सीएससी सुशील चंद्र ने कहा कि इस बार आयोग पर्याप्त संख्या में वीवीपैट की व्यवस्था करेगा। उम्मीदवारों को आनलाइन नामांकन का भी विकल्प मिलेगा। पोलिंग स्टेशन पर अधिकतम मतदाताओं की संख्या 1500 से 1250 निर्धारित की गई है। दिव्यांगों और 80 साल से ज्‍यादा उम्र वाले वरिष्ठ नागरिकों के साथ कोविड संक्रमितों को घर से मतदात करने की सुविधा मिलेगी।

16 फीसद पोलिंग बूथ बढ़ाए गए
सीएससी सुशील चंद्र ने कहा कि इस बार 16 फीसद पोलिंग बूथ बढ़ाए गए हैं। 2.15 लाख से ज्यादा पोलिंग स्टेशन बने हैं। चुनाव कोविड प्रोटोकाल के साथ कराए जाएंगे। पोलिंग बूथ पर कोरोना से बचाव के लिए मास्क, सेनिटाइजर आदि उपलब्ध कराए जाएंगे। थर्मल स्कैनिंग की भी व्यवस्था की गई है।

8.34 करोड़ मतदाता इस चुनाव में हिस्सा लेंगे
सीएससी सुशील चंद्र ने कहा कि सर्विस मतदाता को मिलाकर 18.34 करोड़ मतदाता इस चुनाव में हिस्सा लेंगे जिनमें से 8.55 करोड़ महिला मतदाता हैं। 24.9 लाख वोटर पहली बार वोट डालेंगे। हर विधानसभा क्षेत्र में कम से कम एक पोलिंग स्टेशन ऐसा होगा जिसका संचालन पूरी तरह से महिलाओं के हाथ में होगा। यहां तक की इस पोलिंग स्‍टेशन पर सुरक्षाकर्मी भी महिलाएं ही होंगी।

तीन लक्ष्यों पर काम
सीएससी सुशील चंद्र ने कहा कि इस बार आयोग ने तीन लक्ष्यों पर काम किया है। ये टारगेट हैं आसान और कोविड सेफ चुनाव के साथ साथ मतदाताओं की ज्यादा से ज्यादा से ज्‍यादा भागीदारी। कोरोना काल में पांच राज्यों की 690 विधानसभा क्षेत्रों कोविड सेफ चुनाव कराना बेहद चुनौती भरा काम है। इन चुनावों में 18 करोड़ से ज्यादा वोटर हिस्सा लेंगे

कोरोना लहर के बीच चुनाव कराना बड़ी चुनौती
गौर करने वाली बात है कि मौजूदा वक्‍त में कोरोना की तीसरी लहर चल रही है। ऐसे में उत्‍तर प्रदेश, पंजाब, उत्‍तराखंड, मणिपुर और गोवा में विधानसभा चुनाव कराना किसी चुनौती से कम नहीं हैं। बार काउंसिल आफ इंडिया इस बारे में निर्वाचन आयोग को पत्र भी लिख चुका है। मालूम हो कि जिन राज्‍यों में विधानसभा चुनाव होना है वहां पर केवल पंजाब में कांग्रेस की जबकि अन्‍य जगहों पर भाजपा की ही सरकारें हैं।

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