उत्तराखंडराजनीति

क्यों डर रही है कांग्रेस प्रत्याशी घोषित करने से ?

पहली लिस्ट में 60 नाम तय होने की चर्चा

केंद्रीय चुनाव समिति को सौंपी जा चुकी है लिस्ट
देहरादून। गुरुवार को बीजेपी ने उत्तराखंड विधानसभा चुनाव 2022 के लिए अपने उम्मीदवारों की पहली लिस्ट जारी कर दी थी। इसके दो दिन बाद अब आज कांग्रेस भी अपनी पहली लिस्ट जारी करने वाली है। बीजेपी ने पहली लिस्ट में 59 प्रत्याशियों के नाम घोषित किए हैं। कांग्रेस के भी पहली लिस्ट से 60 नाम तय हो गए हैं। कांग्रेस आज पहली लिस्ट में 60 प्रत्याशियों के नामों की घोषणा कर सकती है।
प्रत्याशी चयन में कांग्रेस ने तेज शुरुआत की थी। स्क्रीनिंग कमेटी के हेड अविनाश पांडे ने हर सीट पर एक-एक दावेदार का इंटरव्यू लिया था। लेकिन प्रत्याशियों के नाम घोषित करने में कांग्रेस पिछड़ गई है। गुरुवार को अपनी पहली लिस्ट जारी करके बीजेपी ने कांग्रेस से बाजी मार ली है।
सत्ता में वापसी की उम्मीद लगाए बैठी उत्तराखंड कांग्रेस ने पिछले दिसंबर में ही उम्मीदवार की सूची जारी करने की बात कही थी। लिस्ट में देरी होते देख कांग्रेस ने फिर जनवरी के पहले हफ्ते में प्रत्याशी घोषित करने का दावा किया था। लेकिन कांग्रेस का वो दावा गलत साबित हुआ। जनवरी का तीसरा हफ्ता खत्म हो रहा है। आज जब उत्तराखंड विधानसभा चुनाव 2022 के लिए नामांकन शुरू हो रहा है तो उसी दिन कांग्रेस अपने प्रत्याशियों की पहली लिस्ट जारी करने जा रही है।
अविनाश पांडे वाली कांग्रेस की स्क्रीनिंग कमेटी पार्टी की केंद्रीय चुनाव समिति को उम्मीदवारों की लिस्ट सौंप चुकी है। ऐसा अनुमान है कि कांग्रेस आज 60 के करीब प्रत्याशियों की पहली लिस्ट घोषित कर देगी। जिन 5 से 8 सीटों पर पेंच फंसा हुआ है उनकी घोषणा बाद में की जाएगी।
कांग्रेस में इस बार दावेदारों की भरमार रही। उत्तराखंड से 500 नेताओं ने कांग्रेस के टिकट के लिए अपनी दावेदारी पेश की थी। राज्य में विधानसभा की कुल 70 सीटें हैं। ऐसे में अगर औसत निकालें तो हर सीट पर 7 से भी ज्यादा लोगों की टिकट की दावेदारी हुई।

टिकट घोषित होने के बाद मच सकती है कांग्रेस में भगदड़
आज जब कांग्रेस उत्तराखंड विधानसभा चुनाव 2022 के लिए अपने प्रत्याशियों की पहली लिस्ट जारी कर रही होगी तो उस समय पार्टी हाईकमान की धड़कनें भी बहुत तेज होंगी। क्योंकि 500 दावेदारों में से 70 उम्मीदवार चुनना कोई आसान काम नहीं है। ऐसे में आशंका है कि जैसे ही कांग्रेस प्रत्याशियों की लिस्ट जारी करेगी, टिकट नहीं पा सकने वाले नेता विद्रोह का झंडा उठा सकते हैं।

महिला कांग्रेस अध्यक्ष रहते सरिता आर्य छोड़ चुकी हैं पार्टी
कांग्रेस में टिकटों को लेकर इतना ज्यादा असंतोष था कि उत्तराखंड महिला कांग्रेस की अध्यक्ष सरिता आर्य ने चार दिन पहले ही कांग्रेस छोड़ दी थी। सरिता आर्य ने बीजेपी ज्वाइन कर ली। बीजेपी ने गुरुवार को घोषित की गई अपनी पहली लिस्ट में सरिता आर्य को नैनीताल से प्रत्याशी घोषित कर दिया।

प्रीतम और गोदियाल हरक की वापसी के समर्थक
उधर कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल और नेता प्रतिपक्ष प्रीतम सिंह हरक सिंह रावत के साथ सहानुभूति रखते हैं। दोनों ही नेता हरक को माफ कर कांग्रेस में शामिल करवाना चाहते थे। लेकिन इन दोनों नेताओं से हरीश रावत का कद इतना बड़ा है कि दोनों अपनी इच्छा खुलकर जाहिर भी नहीं कर पा रहे थे। आखिर कांग्रेस हाईकमान के हस्तक्षेप के बाद शुक्रवार को हरक की कांग्रेस में ज्वाइनिंग हो गई। इस दौरान कोई बड़ा आयोजन नहीं हुआ बल्कि कांग्रेस के नेता ही ज्वाइनिंग के दौरान मौजूद रहे।

हरीश रावत का इसलिए था हरक से बैर
दरअसल विजय बहुगुणा से 2014 में जब उत्तराखंड सरकार की कमान हरीश रावत को मिली थी तो उनकी अच्छी भली चल रही सरकार को 2016 में हरक सिंह रावत ने गिरा दिया था। हरक सिंह रावत अपने साथ 9 विधायकों को विद्रोह कराकर बीजेपी में ले गए थे। हरीश रावत उस अपमान को अभी तक नहीं भूले थे। हरीश रावत का मानना था कि हरक सिंह रावत अगर कांग्रेस में वापस आते हैं तो वो फिर से पुरानी कारगुजारी कर सकते हैं जो कांग्रेस के लिए ठीक नहीं होगा। इसलिए हरीश रावत अब तक हरक सिंह रावत की कांग्रेस में वापसी की राह में बहुत बड़ा रोड़ा बनकर खड़े थे। कांग्रेस आलाकमान भी हरक पर कोई निर्णय नहीं ले पा रहा है। आखिर शुक्रवार को बात बन ही गई।

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