उत्तराखंडचुनावी दंगल

भाजपा के दृष्टिपत्र में हर वर्ग को साधने की कोशिश, केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने जारी किया दृष्टिपत्र

उत्तराखंड का इंफ्रास्ट्रक्चर पांच साल के अंदर अमेरिका जैसे होगा
देहरादून। भाजपा का चुनाव घोषणापत्र बुधवार को केंद्रीय सड़क परिवहन व राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी द्वारा जारी कर दिया गया। राजधानी देहरादून में इस दृष्टिपत्र विमोचन किया गया। केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने इसे जनता को समर्पित किया। कहा कि इसमें हर वर्ग को ध्यान में रखा गया है।
इस दौरान उन्होंने कहा कि ये देवों और वीर जवानों की भूमि है। दृष्टिपत्र उत्तराखंड के विकास की दृष्टि है। पीएम मोदी नेतृत्व में देश के साथ ही उत्तराखंड में अच्छा काम हुआ है। हमने सात साल में 50 लाख करोड़ के काम किए हैं। इस देश में पैसे की कमी नहीं है, दृष्टि की कमी है।
कहा कि भाजपा की सरकार आने से पहले गंगा की तरफ ध्यान नहीं दिया गया। गंगा हमारी आत्मा है। हमने गंगा को नमामि गंगे में अविरल बनाने के लिए काम किया है। गंगा हमारी आस्था है। हमारे चार धाम की यात्रा छह माह में होती थी। जब मैं मंत्री बना तो एक हादसा हुआ। हमने स्विट्जरलैंड से कंसल्टेंट बुलाए। उनको काम दिया। उत्तराखंड की 12500 करोड़ की योजना 825 करोड़ में बनी। कहा कि राज्य में 176 किलोमीटर की सड़क में टनल का काम चल रहा है। चारधाम सड़क प्रोजेक्ट में एक भी पेड़ नहीं कटेगा। सभी पेड़ ट्रांसप्लांट होंगे। इसमें हम स्थानीय युवाओं को रोजगार देंगे। उन्हें पेड़ ट्रांसप्लांट करने की ट्रेनी देंगे।
कहा कि पत्नी को वादा किया है कि पिथौरागढ़ से कैलाश मान सरोवर लेकर जाऊंगा। टनकपुर से पिथौरागढ़ का 140 में से 125 किलोमीटर काम पूरा हो चुका है। पिथौरागढ़ से लिपुलेख 204 किलोमीटर का काम 3100 करोड़ का है। यहां 85 प्रतिशत काम पूरा हो चुका है। कैलाश मानसरोवर और चार धाम की योजनाएं उत्तराखंड के लिए तोहफा हैं। कहा कि हमने 20 सड़क ऐसी बनाई हैं, जहां एयरफोर्स के सबसे बड़े जहाज उतर सकते हैं। टिहरी डैम से सी प्लेन से उड़ सकेंगे। हम 25 लाख करोड़ रुपए से सेकेंड फेज शुरू कर रहे हैं। अब मोदी सरकार ने पर्वतमाला योजना शुरू की है। उत्तराखंड में सात स्थानों पर रोपवे शुरू होने जा रहा है। केदारनाथ और हेमकुंड के रोपवे की डीपीआर बन चुकी है। पांच अन्य जगहों पर रोपवे की डीपीआर बन रही है। कहा कि 1970 से सिंचाई के प्रोजेक्ट बंद पड़े थे। लखवाड़ और किशाऊ परियोजना को मंजूर किया गया है। कहा हमारे पास पैसे की कमी नहीं है, उत्तराखंड का इंफ्रास्ट्रक्चर पांच साल के अंदर अमेरिका जैसे होगा।

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