उत्तराखंडभ्रष्टाचार

को-आपरेटिव बैंक भर्ती घोटाले को लेकर सचिवालय पर गरजे कांग्रेसी चतुर्थ श्रेणी के पदों की भर्ती में हुए घोटाले पर धन सिंह का इस्तीफा मांगा

भ्रष्टाचार में आकंठ डूबी सरकार के जीरो टॉलिरेंस की कलई खुलीः गणेश
देहरादून। कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने सोमवार को निवर्तमान प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गणेश गोदियाल के नेतृत्व में देहरादून सचिवालय के मुख्य द्वार पर उत्तराखण्ड राज्य में को-आपरेटिव बैंक के चतुर्थ श्रेणी पदों की निुयक्ति में हुए घोटाले की जांच की मांग को लेकर धरना-प्रदर्शन किया। कार्यक्रम में पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत व नवनियुक्त प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष करण माहरा सहित वरिष्ठ कांग्रेस नेता ओर बडी संख्या में कार्यकर्ता उपस्थित थे।
इस अवसर पर निवर्तमान प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गणेश गोदियाल ने उत्तराखण्ड की भाजपा सरकार पर भ्रष्टाचार मंें आकंठ डूबे होने का आरोप लगाते हुए कहा कि उत्तराखण्ड की भाजपा सरकार में भ्रष्टाचार अपने चरम पर है। रोजगार के नाम पर युवाओं से उनके परिवार की खून-पसीने की कमाई डकारी जा रही है। उन्होंने कहा कि राज्य को-आपरेटिव बैंक में चतुर्थ श्रेणी के पदों की भर्ती में हुए भारी भ्रष्टाचार ने सरकार की कलई खोल कर रख दी है। उन्होंने कहा कि इससे पूर्व भी को-आपरेटिव बैंक में रिक्त पदों पर हुई भर्ती में भारी भ्रष्टाचार को अंजाम देने की नीयत से चयन परीक्षा उत्तराखण्ड के किसी स्थान पर कराने की बजाय नोयडा में आयोजित कर स्थानीय बेरोजगार नौजवानों के हक को मारा गया। उन्होंने कहा कि पिछली भाजपा सरकार के एक वरिष्ठ मंत्री ने स्वयं स्वीकार किया था कि सरकार में उगाही की खुली लूट मची हुई है जिस पर लगाम लगाने की जरूरत है। गणेश गोदियाल ने को-आपरेटिव बैंक में चतुर्थ श्रेणी पदों के चयन में हुए घोटाले की उच्च स्तरीय जांच की मांग करते हुए दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
अपने संबोधन में पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने कहा कि पिछली सरकार में उच्च न्यायालय नैनीताल की ओर से अपने फैसले में भ्रष्टाचार के आरोपों के चलते तत्कालीन मुख्यमंत्री के मामले में सीबीआई व पक्षकारों को अपना जवाब दाखिल करने के लिए दो दिन मे का वक्त दिया था। मुख्यमंत्री पर लगे भ्रष्टाचार के आरोपों से भाजपा सरकार के जीरो टॉलिरेंस की कलई खुल चुकी थी और यह सिद्ध हो चुका था कि भाजपा सरकार भ्रष्टाचार में आकंठ डूबी हुई है। नव नियुक्त प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष करण माहरा ने कहा कि भ्रष्टाचार पर जीरो टॉलिरेंस का दावा करने वाली उत्तराखण्ड सरकार की ओर सेहर स्तर पर भ्रष्टाचार को प्राश्रय दिया है। चाहे एनआरएचएम घोटाला हो, छात्रवृत्ति घोटाला हो, सिडकुल घोटाला या को-आपरेटिव बैंक में नियुक्तियों में हुए घोटाले। भाजपा सरकार में भ्रष्टाचार और घोटालों की लम्बी फेहरिस्त है। लोकायुक्त बिल को लटकाये रखना भाजपा सरकार के भ्रष्टाचार पर जीरो टॉलिरेंस की कलई पहले ही खोल चुका हैं। कार्यक्रम में पूर्व विधायक मनोज रावत, महामंत्री संगठन मथुरादत्त जोशी, नवीन जोशी, उपाध्यक्ष पूरण सिंह रावत, वरिष्ठ प्रवक्ता डॉ. आर.पी. रतूडी, प्रवक्ता गरिमा दसौनी, राजेश चमोली, जिलाध्यक्ष अश्विनी बहुगुणा, मनीष नागपाल, सुशील राठी, पप्पू पोखरियाल, आशा मनोरमा डोबरियाल शर्मा, राकेश नेगी, लक्ष्मी अग्रवाल, कै. बलवीर सिंह रावत, वसी जैदी, अमरजीत सिंह, मोहन काला, राजकुमार जायसवाल, कमलेश रमन, बब्बन सती, अभिनव थापर व रेणु नेगी आदि कांग्रेसजन उपस्थित थे।

बाक्स
को-आपरेटिव, मेडिकल सामग्री, दवाई, वैक्सीन खरीद व टेस्टिंग मामलों की सीबीआई जांच होः हरीश
देहीरदून। पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने कहा कि भ्रष्टाचार मुक्ति का दंभ भरने वाली सरकार की नाक के नीचे कुंभ मेले में कोरोना टेस्टिंग महाघोटाले का मामला जनता के सामने है। उन्होंने कहा कि को-आपरेटिव बैंक भर्ती घोटाले सहित कोरोना महामारी में मेडिकल सामग्री, दवाई, वैक्सीन खरीद व टेस्टिंग सहित सभी मामलों की सीबीआई से निष्पक्ष जांच कराई जानी चाहिए।
…………………..

Related Articles

Close