उत्तराखंडजनहित

पांच दशक से संचालित समिति में फर्जी पदाधिकारियों की घुसपैठ, नोटिफाइड एरिया में संचालित हाट को विवादित कर दुकानदारों को बेरोजगार करने का कुचक्र

ऋषिकेश। पिछले पचास वर्षों से संचालित आवासीय कल्याण समिति में कुछ फर्जी पदाधिकारी घुसपैठ कर गए हैं। आइडीपीएल के नोटिफाइड एरिया में संचालित इस पुरानी हाट को कुछ साजिशकर्ता तितरबितर करने का कुचक्र रच रहे हैं। इससे न सिर्फ तमाम गरीबों के रोजगार को छेड़ा जा रहा है बल्कि साफ सफाई की व्यवस्था को भी बाधित करने का प्रयास हो रहा है। ये दावा है आइडीपीएल प्रशासन का।

केंद्रीय संस्था आइडीपीएल के संपदा अधिकारी का कहना है कि विगत दिनों आवासीय कल्याण समिति के कुछ फर्जी पदाधिकारियों ने हाट विकास शुल्क की वसूली का आरोप लगाया था। जबकि सारिका चौधरी, सुनील कुटलैहडिया जैसे फर्जी पदाधिकारी पिछले 50 वर्षों की व्यवस्था और संगठन को अपने निहित स्वार्थों के चलते विवादित करने पर तुले हैं। संपदा अधिकारी का दावा है कि फर्जी पदाधिकारी गलत तथ्य प्रस्तुत कर केंद्रीय संस्थान की छवि को क्षति पहुचाने का प्रयास कर रहे हैं। आइडीपीएल प्रशासन का तर्क है कि यदि किसी को तथ्यात्मक भ्रम है तो वह सूचना अधिकार का उपयोग कर दस्तावेज जांच कर सकता है। यदि ऐसा नहीं है तो प्रतिष्ठित संस्थान की गरिमा को चोट पहुंचाने से बचना चाहिए। प्रशासन ने चेताया भी है कि अफवाह फैलाने वाले फर्जी समिति और पदाधिकारियों पर जल्द ही नियमानुसार कार्रवाई भी की जाएगी। गौर तलब है कि जहां हाट संचालित होती है वह आइडीपीएल का नोटिफाइड एरिया है। यहां पर पिछले 50 वर्षों से आवासीय कल्याण समिति की देखरेख में हाट संचालित हो रही है। इसके बावजूद कुछ फर्जी पदाधिकारियों ने कूटरचित संस्था बनाकर आरोपों का दौर शुरू कर दिया है। इसको लेकर आइडीपीएल प्रशासन खासा नाराज है। बताया जा रहा है कि संस्थान की क्षवि खराब करने वालों पर जल्द कार्रवाई भी होगी।

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