उत्तराखंडधर्म-कर्म

अक्षय तृतीया के पावन अवसर पर कैबिनेट मंत्री प्रेमचंद अग्रवाल ने ईक्षु रस (गन्ने का) वितरण किया

ऋषिकेश 03 मई। अक्षय तृतीया के पावन अवसर पर महावीर इंटरनेशनल की ओर से कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस मौके पर कैबिनेट मंत्री प्रेमचंद अग्रवाल ने ईक्षु रस (गन्ने का) वितरण किया।

मंगलवार को हरिद्वार रोड स्थित दिगंबर जैन पंचायती मंदिर आयोजित कार्यक्रम में श्री अग्रवाल जी ने कहा कि भारतीय संस्कृति में बैसाख शुक्ल तृतीया का बहुत बड़ा महत्व है, इसे अक्षय तृतीया भी कहा जाता है। जैन दर्शन में इसे श्रमण संस्कृति के साथ युग का प्रारंभ माना जाता है। भगवान आदिनाथ इस युग के प्रारंभ में प्रथम जैन तीर्थंकर हुए। राजा आदिनाथ को राज्य भोगते हुए जब जीवन से वैराग्य हो गया तो उन्होंने जैन धर्म की दीक्षा ली तथा छह महीने का उपवास लेकर तपस्या की। छह माह बाद जब उनकी तपस्या पूरी हुई तो वे आहार के लिए निकले।

अग्रवाल ने कहा कि जैन दर्शन में श्रावकों द्वारा मुनियों को आहार का दान किया जाता है। लेकिन उस समय किसी को भी आहार की चर्या का ज्ञान नहीं था। जिसके कारण उन्हें और छह माह तक निराहार रहना पड़ा। बैसाख शुल्क तीज (अक्षय तृतीया) के दिन मुनि आदिनाथ जब विहार (भ्रमण) करते हुए हस्तिनापुर पहुंचे। वहां के राजा श्रेयांस उन्हें प्रथम आहार ईक्षु रस (गन्ने का रस) का दिया। जैन दर्शन में अक्षय तृतीया का बहुत बड़ा महत्व है और जैन श्रावक इस दिन ईक्षु रस का दान करते हैं।

इस मौके पर  श्री दिगंबर जैन पंचायती मंदिर में अग्रवाल ने देव दर्शन भी किये।

इस मौके पर महावीर इंटरनेशनल के अध्यक्ष श्रवण कुमार जैन,  सचिव देवेश जैन, कोषाध्यक्ष नवीन कुमार जैन, कार्यक्रम संयोजक सचिन जैन सहित भक्तजन मौजूद रहे।

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