उत्तराखंडपुलिस डायरी

दूून में एनआरआई भाईयों की कोठी कब्जाने का प्रयास

भू-माफिया डर धमका रहे

देहरादून। एनआरआई (अनिवासी भारतीय) की भूमि व भवनों पर दून में हमेशा से भूमाफियाओं की नजर रहती है। ऐसा ही एक मामला दून के कालीदास रोड स्थित भवन में आया जहां स्पेन में रहने वाले एनआरआई भाई की कोठी पर उनके पिता की मौत के बाद भूमाफियाओं की नज़र तिरछी हो गई है। जहां फर्जी वसीयतनामा बनाकर मिली भगत कर एनआरआई भाईयों अम्बर गुप्ता गिलामोन, अमित गुप्ता गिलामोन व मोईसिस गुप्ता गिलामोन की कोठी की रजिस्ट्री कर दी गई। जिसके बाद बड़ी संख्या में लोग कब्जा लेने के लिए पहुंचे और एनआरआई भाईयों को डराया धमकाया गया। साथ ही मुख्यगेट का ताला तोड़कर मकान के अंदर घुस गुए। जिसकी सूचना पुलिस को दी गई। पुलिस ने इस मामले में दोनों पक्षों को सुनने के बाद कब्जा करने का प्रयास करने वालों को चेतावनी दी की कोर्ट के माध्यम से कार्रवाई करें। अन्यथा उनके खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जेल भेज दिया जाएगा।
विजय कुमार गुप्ता का कोठी  210/4-2 बी कालीदास रोड पर स्थित है। उनकी मौत वर्ष 2018 में हो गई जिसके बाद उनके पुत्र अम्बर गुप्ता गिलामोन, अमित गुप्ता गिलामोन व मोईसिस गुप्ता गिलामोन जो कि स्पेन में रहते हैं। वह भारत देश में आते जाते रहते हैं। गत नम्बर माह में देहरादून आए तो उन्हें पता चला की कोई उनकी कोठी पर चोला मंडल बैंक से लोन लेना चाहता है। बैंक वाले सत्यापन के लिए कोठी पर गए तो वहां नोट फॉर सेल का बोर्ड लगा हुआ है। बैंक वालों सेे पता किया तो जानकारी हुई की किसी ने उनकी कोठी की रजिस्ट्री कर दी है। जिसके बाद उन्होंने रजिस्ट्रार ऑफिस से वह रजिस्ट्री निकलवाई। जिसमें सामने आया कि नरेश कुमार पुत्र भगवान दास निवासी केवल पार्क आजादपुर दिल्ली ने प्रशान्त राजौरी पुत्र शैलेन्द्र को सहमति करते हुए यह कोठी मोहित कुमार तोमर पुत्र देवेन्द्र सिंह तोमर निवासी दिल्ली व जूही राणा पत्नी राजकुमार राणा निवासी देहरादून को बेच दी है। जिसके बाद बैंक ने तो इस सम्पत्ति पर लोन देने से मना कर दिया। लेकिन एनआरआई भाईयों ने इसकी शिकायत पुलिस से की। वहीं दूसरी ओर कोठी को खरीदने वालों ने जोर जबरदस्ती इस भूमि पर गत 8 जुलाई को कब्जा लेने का प्रयास किया। उन्होंने मुख्य गेट का ताला तोड दिया और घर के अंदर घुस गए। जिसकी शिकायत 112 पर की गई। पुलिस ने दोनो पक्षों को बुलाकर मामले को सुना। साथ ही चेतावनी दी कि कोर्ट में जाकर मामले का निपटाए नहीं तो मुकदमा दर्ज किया जाएगा।

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