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*एसआरएचयू से जुड़े यूकॉस्ट के महानिदेशक डॉ.राजेंद्र डोभाल*

डोईवाला- उत्तराखंड राज्य विज्ञान और प्रौद्योगिकी परिषद उत्तराखंड (यूकॉस्ट) के महानिदेशक रह चुके डॉ. राजेंद्र डोभाल ने स्वामी राम हिमालयन विश्वविद्यालय (एसआरएचयू) जॉलीग्रांट में कार्यभार ग्रहण कर लिया है। वह स्ट्रेटजिक प्लेनिंग व रिसर्च-डेवलेपमेंट विभाग के बतौर डायरेक्टर अपनी सेवाएं देंगे। कुलपति डॉ.विजय धस्माना ने उनका स्वागत किया। साथ ही भविष्य के लिए शुभकामनाएं देते हुए कहा कि डॉ.डोभाल के अनुभव का फायदा विश्वविद्यालय को मिलेगा।

डॉ. राजेंद्र डोभाल एक प्रसिद्ध वैज्ञानिक हैं। उत्तराखंड में आने से पूर्व वह मध्य प्रदेश सरकार में वैज्ञानिक सलाहकार थे। इसके अतिरिक्त वह राष्ट्रीय अनुसंधान विकास निगम (एनआरडीसी) भारत सरकार के अध्यक्ष और प्रबंध निदेशक भी रह चुके हैं। उत्तराखंड विज्ञान, शिक्षा और अनुसंधान केंद्र (यूसर्क), उत्तराखंड अंतरिक्ष उपयोग केंद्र (यूसेक) व तथा उत्तराखंड राज्य जैव प्रौद्योगिकी बोर्ड की स्थापना तथा इन संस्थानों के संस्थापक निदेशक एवं सलाहकार वैज्ञानिक होने का श्रेय डॉ. राजेन्द्र डोभाल को जाता है। डॉ. डोभाल नेशनल एकेडमी ऑफ साइंसेज, भारत के फैलो हैं एवं उन्होंने बौद्धिक संपदा अधिकार (आईपीआर) क्षेत्र में विज्ञान और प्रौद्योगिकी विभाग, गोल, वाशिंगटन यूनिवर्सिटी (यूएसए) तथा इंटरनेशनल लॉ डेवलपमेंट इंस्टीट्यूट मनीला, फिलीपींस एवं नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी बैंगलोर से विशेषज्ञता प्राप्त की हैं।

देहरादून में विज्ञान धाम, रीजनल साइंस सेंटर की स्थापना तथा देश की पांचवी सांइस सिटी लाने का श्रेय भी डॉ. डोभाल को जाता है। डॉ. राजेंद्र डोभाल को 16 राज्य विज्ञान कांग्रेस के सफल आयोजनों तथा 10,000 युवा वैज्ञानिकों के सृजन का श्रेय जाता है। डॉ. राजेंद्र डोभाल के निर्देशन में राज्य के उच्च शिक्षा संस्थानों में 250 से अधिक रिसर्च प्रोजेक्टों पर कार्य चल रहा है। डा. डोभाल द्वारा लिखित 40 तकनीक रिपोर्ट्स, 12 पुस्तकें तथा 150 शोध पत्र राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय स्तर के प्रकाशनों में प्रकाशित हो चुके है।
डॉ.राजेंद्र डोभाल ने कहा कि वह एसआरएचयू के जनसेवा के मिशन को आगे बढ़ाने के लिए प्रयासरत रहेंगे। इसके अलावा शिक्षा, शोध व नवाचार पर उनका विशेष फोकस रहेगा।

*प्रमुख पुरस्कार*
डॉ. राजेन्द्र डोभाल को 2007 में रॉयल ऑस्ट्रेलियन केमिकल इंस्टीट्यूट अवार्ड, 2008 में इंटरनेशनल कॉमनवेल्थ यूथ स्लीवर अवार्ड (2008) व 2016 में प्राइड आफ उत्तराखंड जैसे प्रमुख पुरस्कारों से नवाजा जा चुका है।

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