उत्तराखंडधर्म-कर्म

जयंति पर पंडित गोविंद बल्लभ पंत को किया याद

देहरादून।  भारत रत्न पंडित गोविंद बल्लभ पंत की 135वी जयंती पर आज देशभर के साथ-साथ देहरादून में भी समारोह आयोजित किया गया। इस दौरान मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी और हरिद्वार सांसद डॉ रमेश पोखरियाल निशंक कार्यक्रम में शामिल हुए। कार्यक्रम में सीएम धामी ने सरकार के कार्यों में पंडित गोविंद बल्लभ पंत के संदेश का समावेश होने की बात कही।
मुख्यमंत्री धामी ने भी गोविंद बल्लभ पंत को याद किया। सीएम ने कहा पंत वह एक स्वतंत्रता सेनानी थे। धामी ने उनकी वकालत, लेखन और संघर्षों पर भी प्रकाश डाला। सीएम ने कहा पंडित गोविंद बल्लभ पंत को उनके योगदान के लिए भारत रत्न से सम्मानित किया गया। वे देश के चौथे गृह मंत्री भी रहे। यही नहीं उत्तर प्रदेश के पहले मुख्यमंत्री के तौर पर भी उन्होंने बेहतर काम किया। उन्होंने कार्यक्रम में छात्रों को पंडित जीबी पंत की जीवन शैली और संदेश के बारे में बताया। पुष्कर धामी ने कहा पंडित गोविंद बल्लभ पंत ने भूमि धरी कानून को आगे बढ़ाने का काम किया है। यही नहीं हिंदी भाषा को भी उन्होंने आगे बढ़ाया। एक नाटक कर्मी के रूप में भी उन्होंने महत्वपूर्ण योगदान दिया था। वह भी उत्तराखंड में भी पंडित जीबी पंत के सपनों के आधार पर काम करेंगे। पौड़ी में गोविंद बल्लभ पंत की जयंती पर घुड़दौड़ी स्थित जीबी पंत इंजीनियरिंग कॉलेज का सारा स्टाफ ही नदारद रहा। यहां गौर करने वाली बात है कि जिस महापुरुष के नाम कॉलेज का नाम पड़ा, उसी कॉलेज के प्रशासनिक और अन्य स्टाफ उनकी जयंती में शामिल नहीं हुए। जिस पर विधायक राजकुमार पोरी ने कॉलेज प्रबंधन के खिलाफ नाराजगी जाहिर की। उन्होंने कहा इस मामले में सरकार से बात की जाएगी। वहीं, पौड़ी डीएम डॉ. विजय कुमार जोगदंडे ने नदारद स्टाफ को लेकर कॉलेज निदेशक को कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश दिए हैं। पंडित गोविंद बल्लभ पंत की 135वीं जयंती  पर कालाढूंगी में भी पंत जयंती समारोह समिति ने सरस्वती शिशु मंदिर सभागार में कार्यक्रम का आयोजन किया।

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