राष्ट्रीय

झांकियों में दिखी देश की संस्कृति की झलक, अनेकता में एकता

कृतज्ञ राष्ट्र आज 71वां गणतंत्र दिवस मना रहा है. राजपथ पर गणतंत्र दिवस समारोह शुरू हो गया है. आज सबसे पहले पीएम नरेंद्र मोदी ने नेशनल वॉर मेमोरियल पहुंचकर शहीदों को नमन किया. इस मौके पर रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ जनरल बिपिन रावत समेत तीनों सेना प्रमुख मौजूद रहे. पीएम मोदी ने राष्ट्रीय वॉर मेमोरियल पर पुष्प चक्र अर्पित किया. इसके बाद राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद गणतंत्र दिवस समारोह के मुख्य अतिथि ब्राजील के राष्ट्रपति जेयर मेसियस बोलसोनारो के साथ राजपथ पहुंचे. पीएम नरेद्र मोदी ने मुख्य अतिथि बोलसोनारो और भारतीय राष्ट्रपति कोविदं की अगुवानी की

राज्यों की झांकियां शुरू सबसे पहले तेलंगाना, छत्तीसगढ़ और राजस्थान की झांकियां प्रस्तुत की गई.

कैप्टन तान्या शेरगिल ने सेना की सिग्नल्स कोर्प्स के मार्चिंग कंटेंजेंट्स को लीड किया.

राष्ट्रपति से पहले उनकी पत्नी पहुंची
गणतंत्र दिवस समारोह में राष्ट्रपति की पत्नी उनसे पहले राजपथ पर पहुंचती हैं. क्योंकि राष्ट्रपति समारोह के मुख्य अतिथि के साथ राजपथ पर पहुंचते हैं. राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद की पत्नी की अगुवानी पीएम मोदी ने की. इससे पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उपराष्ट्रपति वेंकैया नायडू की अगुवानी की. इससे पहले रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की राजपथ पर अगुवानी की.

राष्ट्रपति भवन में दी गई सलामी
राष्ट्रपति भवन में राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद और गणतंत्र दिवस समारोह के मुख्य अतिथि जेयर मेसियस बोलसोनारो को सलामी दी गई.

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी नेशनल वॉर मेमोरियल पहुंचे और शहीदों को नमन किया. इस मौके पर रक्षा मंत्री राजनाथ सिह, चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ जनरल बिपिन रावत समेत तीनों सेना प्रमुख मौजूद रहे.

पीएम मोदी देश के पहले प्रधानमंत्री बने जिन्होंने नेशनल वॉर मेमोरियल पर 26 जनवरी के दिन पुष्प चक्र अर्पित किया.

एक दिन पहले, राष्ट्रपति राम नाथ कोविंद ने शनिवार को महात्मा गांधी के सत्य और अहिंसा के संदेश का आह्वान किया और लोगों, विशेषकर युवाओं से आग्रह किया कि वे अहिंसा का पालन करें और सामाजिक और आर्थिक उद्देश्यों की प्राप्ति के लिए संवैधानिक तरीकों को ही अमल में लाए. राष्ट्रपति ने 71वें गणतंत्र दिवस की पूर्व संध्या पर राष्ट्र को दिए एक संबोधन में कहा, “गांधीजी के सत्य और अहिंसा के संदेश को आत्मसात करना हमारी दिनचर्या का हिस्सा होना चाहिए, जो हमारे समय में सभी के लिए आवश्यक हो गया है.”

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