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चीन और पाकिस्तान ने किस नज़र से देखी होगी भारत की परेड

भारत के गणतंत्र दिवस की परेड को हमेशा एक भारतीय के नज़रिये से देखा है. हमने कभी सोचा भी नहीं कि हर वर्ष गणतंत्र दिवस और स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर दो भारत विरोधी देश भारत की सेना की भव्य परेड किस नज़र और किस नज़रिये से देखते होंगे. आज जब पीएम मोदी विश्व के एक प्रतिष्ठित नेता हैं और भारत की छवि सारी दुनिया में जाज्वल्यमान है, ऐसे में यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि भारत की सैन्य शक्ति की झांकी को भारत के दुश्मन देश कैसे देखते हैं.

भारत की थल सेना की शानदार परेड 

भारतीय थल सेना 13 कोर के अंतर्गत 35 प्रभागों में संगठित है. संख्या की दृष्टि से भारत दुनिया की दूसरी सबसे बड़ी स्थाई सेना है. शक्ति के दृष्टिकोण से भारत के पास दुनिया की चौथी सबसे शक्तिशाली थल-सेना है जिसमें बयालीस लाख से अधिक सैनिक हैं जबकि चीन के पास सैंतीस लाख सैनिक हैं. वहीं भारत के दुश्मन देश पकिस्तान की थलसेना में केवल साढ़े छह लाख सैनिक ही हैं. इसलिए जब हमारी थल-सेना की बत्तीस इन्फेंट्री रेजिमेंट्स के जवान हांथों में रायफल्स थामे कदम से कदम मिला कर राजपथ पर सामने आते हैं और सेना के सर्वोच्च कमांडर, देश के राष्ट्रपति को सैल्यूट करते हुए आगे बढ़ते हैं तो गर्व का यह क्षण देश के दुश्मनों के सीने में जलन पैदा कर देता है. आज राजपथ पर भारतीय सेना की यही अदम्य शक्ति नजर आई.  भारतीय सेना की पैराशूट रेजिमेंट की टुकड़ी ने सभी को प्रभावित किया.

महिला सैनिकों का प्रभावशाली मार्चपास्ट

भारतीय सेना में अब तक सिर्फ साढ़े तीन हज़ार महिला सैनिक थीं जो कि सैन्य-अधिकारियों के पद पर कार्यरत थीं.  अब महिला सैनिक इन्फैंट्री में भी शामिल हो रही हैं और लगभग ढाई लाख महिला सैनिक भारतीय सेना की शक्ति बनने जा रही हैं. हमारी महिला सैनिक आज जब राजपथ पर परेड करते हुए राष्ट्रपति को सैल्यूट करते हुए सामने से गुजरीं तो लगा भारत की सेना अब वास्तव में शक्तिशालिनी हो चुकी है. आज गणतंत्र दिवस की परेड में राजपथ पर सीआरपीएफ की महिला बाइकर्स ने परेड की शुरुआत की और उनके डेयरडेविल स्टंट ने सबको अचंभित कर दिया. राजपथ पर यह प्रथम अवसर था जब महिला बाइकर्स परेड में स्टंट करते हुए नजर आईं. 65 सदस्यों की इस टीम के 350cc रॉयल एनफील्ड बुलेट मोटरसाइकिल पर किये जा रहे कलाबाजी कौशल सबको हैरान कर देने वाले थे.

तोपख़ाना रेजिमेंट की वजनदार मौजूदगी 

तोपखाना रेजिमेंट अर्थात आर्टिलरी रेजिमेंट भारतीय सेना का दूसरा सबसे बड़ा अंग है, जोकि सेना की कुल ताकत का लगभग छठवाँ भाग हैं. तोपखाना रेजिमेंट देश की सेना को स्वचालित आर्टिलरी फील्ड प्रदान करने की जिम्मेदारी सम्हालता है जिसमे बंदूकें, रायफलें, मशीनगनें, तोप, भारी मोर्टार, रॉकेट और मिसाइलें आदि सम्मलित हैं. तोपखाना रेजिमेंट की झलकी देखते ही चीन और पाकिस्तान के कलेजे पर सांप लौट जाते हैं. आज राजपथ पर भारतीय सेना के T-90 भीष्म टैंक और के-9 वज्र-टी टैंक प्रस्तुत किये गये. इसके साथ ही भारत में निर्मित तोप धनुष को भी पहली बार दुनिया ने आज देखा.

भारतीय जल सेना की जबर्दस्त कदमताल 

भारतीय नौसेना अपने 55,000 नौसैनिकों से लैस विश्व की पाँचवी सबसे बड़ी नौसेना है जिसमें क्रूज़र हैं, मिनी-क्रूज़र हैं, गश्त-यान, माइनस्वीपर, सहायक-पोत, विमान-वाहक, उभयचर-युद्धपोत, कोर्वेट, ध्वंसक स्क्वाड्रन, फ्रिगेट स्क्वाड्रन, पनडुब्बी-नाशक फ्रिगेट्स, वायुयान-नाशक फ्रिगेट्स, सुंरग हटानेवाले स्क्वाड्रंस, छोटे नौसैनिक जहाज, सागरमुख प्रतिरक्षा नौकाएँ, पनडुब्बियां तो हैं ही इनके अतिरिक्त अब भारत की अपनी नाभिकीय उर्जा पनडुब्बियां भी नौसेना को सशक्त कर रही हैं. नौसेनिकों की गर्वीली टुकड़ियां जब राजपथ पर परेड करते हुए नीलवर्णी-परिधान में युक्त सामने आती हैं तो देश का सीना चौड़ा हो जाता है और देश के दुश्मनों का मुँह धुंआ हो जाता है. आज राजपथ पर इन्डियन नेवी ने बोइंग पी-8I लांग रेन्ज मेरीटाइम पेट्रोल एयरक्राफ्ट और कोलकाता क्लास डिस्ट्रायर प्रस्तुत किया.

भारतीय वायु सेना का गर्वीला वैभव 

भारतीय वायुसेना दुनिया की चौथी सबसे बड़ी वायुसेना है. पौने दो लाख वायुसैनिकों और डेढ़ हज़ार युद्धक विमानों वाली भारतीय वायुसेना देश की शान है जो आकाश से देश की सुरक्षा का दायित्व सम्हालती है. प्रशिक्षण विमान, लड़ाकू विमान, परिवहन वायुयान, बॉम्बर्स, टोही विमानों के अतिरिक्त भारतीय वायुसेना में हेलिकॉप्टर्स, ऑस्टर्स और चॉपर्स भी हैं. हमारी आधुनिकतम तकनीक से युक्त भारतीय वायुसेना की परेड की झलकी ने पाकिस्तान को 1965 और 1971 के युद्धों की पराजय की याद दिला दी होगी जिसका मूल श्रेय भारतीय वायुसेना को जाता है. इस बार  गणतंतत्र दिवस की परेड में वायुसेना ने अपने कुछ नये वायु-अस्त्रों का प्रदर्शन भी किया. वायुसेना में हाल में शामिल हुए लड़ाकू हेलिकॉप्टर अपाचे और परिवहन हेलीकॉप्टर चिनूक आज दुनिया को गणतंत्र दिवस के राष्ट्रीय अवसर पर फ्लाईपास्ट करते दिखाई दिये.

राष्ट्रीय गौरव की अभिव्यक्ति है गणतंत्र दिवस की परेड 

राष्ट्रीय गौरव का दिवस है गणतंत्र दिवस और इसकी गर्वीली अभिव्यक्ति है राजपथ पर आज हुई हमारी सेना की परेड. हमारे प्रति शत्रुता का भाव रखने वाले दोनों देशों के हृदय में भारत विरोध का दाह और प्रबल हो गया होगा आज लेकिन उनके परसंताप पर हम – बुरी नज़र वाले तेरा मुँह काला – नहीं कहेंगे.  हम बस इतना कहेंगे कि हमें गर्व है अपनी सेना पर, अपने देश की सेना पर, अपनी भारतीय सेना पर ! जय हिन्द ! जय हिन्द की सेना !!

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