उत्तर प्रदेश

रोहनिया में मीडिया कर्मी और उसके परिजनों पर जानलेवा हमला, मुकदमा दर्ज

पीड़ित पत्रकार व उसके परिजनों पर लोहे की रॉड,ईट पत्थर और तेजधार हथियार से दबंगो ने हमला कर लहूलुहान किया

😢ग्राम देउरा रोजगार सेवक प्रतिनिधि राम दवन अपने समर्थकों के साथ घटना को दिया अंजाम

वाराणसी/रोहनिया, 22 जून। समाचार संकलन को लेकर हुए विवाद को लेकर ग्राम देउरा रोजगार सेवक प्रतिनिधि राम दवन अपने समर्थकों के साथ रॉड,चाकू,डंडे,इट,पत्थर और तेजधार हथियार से हमला कर मीडिया कर्मी और उसके परिजनों को गंभीर रूप से घायल कर दिया यह दुस्साहसिक घटना शुक्रवार को पूर्वाहन रोहनिया थाना क्षेत्र के देउरा गांव में हुई। लहूलुहान घायल मीडिया कर्मी और उसके परिजन श्री बाल गोविंद राम चिकित्सालय में प्राथमिक उपचार कराने के बाद लिखित तहरीर दी पुलिस ने प्रतिनिधि रामदवन और उसके समर्थकों के खिलाफ धारा 147,323,504,506 और 354 के तहत मुकदमा पंजीकृत कर उन्हें हिरासत में ले लिया था। मिली जानकारी के अनुसार देउरा निवासी मीडिया कर्मी मयंक कुमार गांव में शौचालय,मनरेगा, गौशाला का समाचार संकलन किया था उक्त समाचार संकलन से गांव के रोजगार सेवक ग्राम, प्रधान ग्राम और ग्राम सचिव के विरुद्ध जांच शुरू होनी थी इसी मामले को लेकर रोजगार सेवक प्रतिनिधि राम दवन अपने समर्थकों के साथ गत माह मीडिया कर्मी और उसके परिजनों पर हमला किया था। शुक्रवार को पूर्वाहन राम दवन ने मीडिया कर्मी के मकान की नींव खनकर नाला निर्माण कर रहा था। जिस पर मीडिया कर्मी के परिजनों ने विरोध किया तो रामदवन अपने समर्थकों के साथ लाठी,राड और चाकू से मीडिया कर्मी और उसके पिता और मां तथा बहनों पर हमला बोल दिया। इस घटना में सभी लोग गंभीर रूप से घायल हो गए इस मामले में पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर उन्हें हिरासत में ले लिया था। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार मयंक एक युवा पत्रकार हैं और कई प्रतिष्ठित हिंदी न्यूज़ चैनल और प्रिंट मीडिया के लिए काम कर चूके है। और लगभग 5 वर्षों से आज हिंदी दैनिक समाचार पत्र से रोहनिया वाराणसी संवाददाता है और सामाजिक स्तर पर बढ़-चढ़कर जरूरतमंद लोगों के लिए काम भी करते रहते हैं। मयंक द्वारा गत कई दिनों से भ्रष्टाचारियों व दलालों के खिलाफ लगातार खबर लिख रहे हैं जिसपर प्रशासनिक अधिकारियों द्वारा कार्यवाही भी की जा रही है। अभी कुछ दिन पहले ग्राम देउरा का दबंग प्रधान और उसके समर्थकों की मिलीभगत से सरकारी बंजर जमीन पर पैसा लेकर अवैध निर्माण करवाया जा रहा था। जिस पर मयंक ने खबर लिखा था। खबर को प्रमुखता देते हुए उपजिलाधिकारी राजातालाब ने मामले को संज्ञान में लिया और मौके पर मामले की जांच कराई तो मामला सत्य पाए जाने पर रोहनिया थाना पुलिस को अवैध निर्माण हटाने के लिए आदेश किया गया। जिस से बौखलाए ग्राम प्रधान व उसके समर्थकों ने मन्दिर में पाठ कर रहे मयंक के पिता बाल गोविंद के ऊपर हमला कर लूटपाट किया गया था। जिसमे रोहनिया पुलिस द्वारा मुकदमा दर्ज कर लिया गया था। इससे पहले भी देउरा ग्राम प्रधान द्वारा एक हरिजन के साथ मारपीट के मामले में 1 महीने तक वाराणसी जिला कारागार में बंद हो चुका है और हरिजन एक्ट जैसी संगीन धाराओं में मुकदमा भी पंजीकृत है। इसके अलावा तालाब पट्टा होने से पूर्व सरकारी तालाब के पैसों को अपने निजी कार्य में ले रहा था जब इसकी शिकायत ग्रामीणों ने की तो जांच में सत्य पाए जाने पर राजस्व विभाग द्वारा रिकवरी भी कराई गई थी। मयंक ने पूछने पर बताया कि खबर को लेकर दबंगों द्वारा मेरा उत्पीड़न किया जा रहा है और मेरे परिजनों के ऊपर लगातार हमले हो रहे हैं और मुझे दबंगो द्वारा धमकियां भी मिल रही है की अब खबर लिखना बंद करो नहीं तो इस बार बच गए हो अगली बार तुम्हारे पूरे परिवार का मर्डर होना तय है। मयंक ने यह भी बताया कि प्रधान के एक समर्थक द्वारा सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर कुछ दिन पहले भारत के सभी मीडिया व पत्रकार बंधुओं के ऊपर दलाल जैसे शब्द का प्रयोग किया गया था और पैसे लेकर खबर लिखने का आरोप लगाया था जिस पर मयंक द्वारा प्रेस काउंसिल आफ इंडिया के मेंबर कुमार साहिल को कार्यवाही के लिए भी लिखे थे। जिसके चलते प्रधान के समर्थक मयंक की छवि को समाज धूमिल करने के लिए लोगो के बीच गलत अफवाह फैलाकर छवि को खराब करने के लिए नए-नए हथकंडे आजमाते रहते है। मयंक ने इस बात का भी खुलासा किया कि शौचालय निर्माण में हुए लाखों के घोटाले मामले में खबर लिखने के बाद तरह-तरह के लोगो द्वारा दबाव बनाया जा रहा है कि समझौता कर लो और मयंक ने यह भी बताया कि इस विकट परिस्थिति में बनारस के सभी सम्मानित पत्रकार उनके साथ खड़े हैं। और अपराधियों को बक्सा नहीं जाएगा और ऐसी क्रूर घटना को अंजाम देने वाले अपराधियों के खिलाफ पुलिस द्वारा कठोर कार्यवाही नहीं की गई तो मयंक को इंसाफ दिलाने के लिए सभी पत्रकार आंदोलन करेंगे। अब यहां पर सबसे बड़ा सवाल ये उठता है कि जहां केंद्र सरकार से लेकर राज्य सरकार तक पत्रकारों की सुरक्षा को लेकर बड़े-बड़े हवाई फायरिंग करते हैं लेकिन आज प्रधानमंत्री के ही संसदीय क्षेत्र में एक युवा पत्रकार जो समाज उत्थान के लिए निष्पक्ष खबर लिख रहा है उसके परिजनों को घर में घुसकर दबंगों ने मारपीट कर लहूलुहान कर दिया। कार्यवाही के नाम पर सिर्फ मुकदमा पंजीकृत कर मामले को टरकाया जा रहा है। शायद अगर मयंक इन दबंगों के सामने नतमस्तक होकर इनके गलत कार्य में इनका बढ़-चढ़कर सहयोग करते और इनके साथ मिलकर जनता का दोहन करते तब शायद आज मयंक और उसके परिजनों के साथ ऐसी क्रूर घटना नहीं घटी होती। घटना की वीडियो फुटेज होने के बावजूद भी अभी भी अपराधी अपराध करकर खुलेआम घूम रहे है।  जिसके चलते मयंक और उनके परिजनों के ऊपर खतरा बना हुआ है।

*पीड़ित पत्रकार मयंक कश्यप*
*9910319817*
*वाराणसी ( उत्तर प्रदेश )*

Close