उत्तराखंड

लापरवाहियों का गढ बन चुका राजकीय पशु चिकित्सालय

डॉक्टर सावन पंवार बस महीने में एक बार तनख्वाह निकालने देवाल पशु चिकित्सालय पहुंच जाते हैं

चमोली। राज्य सरकार भले ही भ्रष्टाचार मुक्त सरकार के दावे करती रहती है। लेकिन पहाड़ी क्षेत्रों में  ऐसे अधिकारी भी मौजूद है जिन्हें अपनी जिम्मेदारियों के बारे में कुछ भी पता नहीं है। ऐसे ही एक लापरवाह अधिकारी देवाल विकासखंड के पशु चिकित्सालय में तैनात डॉक्टर सावन पंवार है। जो 2017 में नियुक्ति के बाद से अपने मुख्यालय में कहीं नजर ही नहीं आए हैं। बता दें कि, 2017 में देवाल पशु चिकित्सालय में पशु चिकित्साप्रभारी का दायित्व संभालने के बाद से यह डॉक्टर कभी पशु चिकित्सालय में नजर नहीं आए। स्थानीय लोगों का कहना है कि डॉक्टर सावन पंवार बस महीने में एक बार तनख्वाह निकालने देवाल पशु चिकित्सालय पहुंच जाते हैं। उसी दिन पूरे महीने की हाजिरी रजिस्टर में भरकर चले जाते हैं। देवाल के जनप्रतिनिधियों के मुताबिक, पशु चिकित्सालय देवाल में तैनात डॉ. सावन पंवार की दबंगई से आला अधिकारी भी डरते हैं। 2017 में डॉक्टर सावन पंवार की तैनाती के ठीक अगले ही वर्ष यानी 2018 में ही जिला पशु चिकित्साधिकारी की ये नोबत आन पड़ी की उन्हें पशु चिकित्सालय वाण में तैनात पशु चिकित्साधिकारी डॉ. नितिन बिष्ट को देवाल पशु चिकित्सालय का अतिरिक्त प्रभार देना पड़ा। वहीं, डॉ. सावन पंवार अपनी ड्यूटी के प्रति गैर जिम्मेदाराना रवैया और अनुशासनहीनता के चलते कई बार आला अधिकारियों की डांट भी खा चुके हैं।वहीं, इस मामले में पशु चिकित्साप्रभारी सावन पंवार का कहना है कि उनकी तबीयत खराब थी और वह मेडिकल पर थे. कुछ पारिवारिक परिस्थितियां भी सही नहीं थी। जिसके चलते उन्होंने उच्च अधिकारियों से छुट्टी ली थी।

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