उत्तराखंड

ग्रामवासियों ने सीएम से की कुनाऊ गांव के 14 हेक्टेयर क्षेत्रफल भूमि का सीमांकन और राजस्व ग्राम घोषित करने की मांग

विधायक रितु खंडूरी के नेतृत्व में प्रदेश के मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत से मुलाकात की

ऋषिकेश 24 जुलाई। राजाजी टाइगर रिजर्व से पृथक किए गए कुनाऊ गांव के 14 हेक्टेयर क्षेत्रफल के सीमांकन तथा राजस्व ग्राम बनाए जाने की मांग को लेकर ग्रामीणों ने यम्केश्वर की विधायक रितु खंडूरी के नेतृत्व में प्रदेश के मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत से मुलाकात की है।
मुलाकात के दौरान विधायक ने मुख्यमंत्री को अवगत कराया कि उनके विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत कुनाऊ गांव एक सदी से भी अधिक और ब्रिटिश कालीन समय से बसा हुआ गांव है। जिसमें यहां के निवासी कई पीढ़ियों से निवासरत है। उन्होंने अवगत कराया कि अनुसूचित जनजाति और अन्य परंपरागत वन निवासी एक्ट (वन अधिकारों की मान्यता 2006) के तहत ग्रामीणों के वन भूमि पर किए गए दावों को जिला स्तरीय वन अधिकार समिति द्वारा वर्ष 2012 में स्वीकृत किया जा चुका है। साथ ही सरकार द्वारा कुनाऊ गोट के 14 हेक्टेयर क्षेत्रफल को वर्ष 2013 में ही पार्क क्षेत्र से बाहर किया जा चुका है और अब यह क्षेत्र राजाजी टाइगर रिजर्व के अंतर्गत नहीं आता है।
विधायक रितु खंडूरी ने मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत को यह भी अवगत कराया कि टाइगर रिजर्व प्रशासन द्वारा ग्रामीणों को बेदखली के नोटिस जारी कर बेवजह भयभीत कर मानसिक उत्पीड़न किया जा रहा है। उन्होंने मुख्यमंत्री से कुनाऊ गांव के 14 हेक्टेयर क्षेत्रफल का सीमांकन कर इसे राजस्व ग्राम में परिवर्तित किए जाने की मांग की है। जिस पर मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने प्रमुख सचिव वन को आवश्यक कार्यवाही करने के लिए निर्देशित किया है। इस मौके पर ग्रामीण चंद्रमोहन सिंह नेगी, विजेंद्र सिंह बिष्ट, आजाद अली, विवेक आदि उपस्थित रहे।

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