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श्री भरत मंदिर के महंताई की चादर वत्सल शर्मा को ओढाई

भारत देश ऋषि व कृषि संस्कृति पर आधारित है- आचार्य अवधेशानंद

 

ऋषिकेश, 24 जूलाई (AKA )।जूना अखाड़ा के महामंडलेश्वर आचार्य स्वामी अवधेशानंद गिरि ने कहा कि भारत देश ऋषि व कृषि संस्कृति पर आधारित है, जहां देश का किसान लोगों को अन्न उत्पन्न करवाता है ।वहीं ऋषि भारतीय संस्कृति के ज्ञान की गंगा में गोते लगवाता है। यह विचार आचार्य स्वामी अवधेशानंद ने ऋषिकेश के पौराणिक वैष्णव सिद्ध पीठ ऋषिकेश नारायण श्री भरत मंदिर की गद्दी पर बैकुंठ वासी महंत अशोक प्रपन्न शर्मा की परंपरा अनुसार दीक्षित वत्सल शर्मा के पट्टाभिषेक महोत्सव के दौरान मुख्य वक्ता के रूप में उपस्थिति को संबोधित करते हुए कहा कि भरत मंदिर आदि गुरु शंकराचार्य की परंपरा के अंतर्गत संचालित मंदिर है ,जहां प्रारंभ से ही वैष्णव संप्रदाय के अनुसार पूजा पद्धति के साथ गुरु शिष्य की परम्परा का निर्वहन किया जा रहा है। उन्होंने वत्सल शर्मा से अपेक्षा वत्सल शर्मा के अपेक्षा व्यक्त कि है कि वह वैष्णव संप्रदाय की परंपरा अनुसार इस गद्दी को संचालित करेंगे इस अवसर पर श्री जयराम आश्रम के पीठाधीश्वर ब्रह्म स्वरूप ब्रह्मचारी, स्वामी चेतनानंद , परमार्थ निकेतन के अध्यक्ष स्वामी चिदानंद मुनी, डा.राम कमल दास वेदांती, स्वामी दामोदर दास, हनुमंत पीठाधीशर डॉ रामेश्वर दास , उत्तराखंड पीठाधीश्वर स्वामी कृष्णाचार्य, स्वामी विवेकानंद, प्रदर्शन साधु समाज के अध्यक्ष महंत गोपाल गिरी, कबीर चौरा आश्रम के मंहत कपिल मुनि, निर्मल आश्रम के महंत राम सिंह, वेदांत साधना कुटीर के स्वामी स्वतंत्र मुनी, भरत मिलाप आश्रम के महंत राम कृपालु महाराज, श्री रामानंद संत आश्रम के पुजारी स्वामी वृंदावन दास, जगन्नाथ आश्रम के महंत अरुण व लोकेश दास, उत्तराखंड विधानसभा के अध्यक्ष प्रेमचंद्र अग्रवाल ,नगर निगम की महापौर अनीता ममगांईं सहित धार्मिक संस्थाओं के प्रतिनिधि भी मौजूद थे कार्यक्रम के दौरान कोरोना संक्रमण के दौरान एक गज की दूरी का पालन भी किया गया ।

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