उत्तराखंड

आखिर किस आधार पर कुनाऊ चौड़ को बनाया जाए राजस्व ग्राम…???

मूल पट्टे धारको की जमीन पर भू माफिया कब्जा कर औने पौने दाम में बेच रहे है

दुर्गेश मिश्रा
एक लंबे समय से कुनाऊ चौड़ के 14 हेक्टेयर भूमि को राजस्व ग्राम बनाने की मांग उठती आ रही है। यहाँ के समाजसेवी चंद्र नेगी भी इसके पक्ष में अपनी आवाज़ उठा रहे है। मगर बड़ा सवाल यह है कि आखिर कुनाऊ चौड़ को राजस्व ग्राम किस आधार पर बनाया जाए।
दरअसल, इस 14 हेक्टेयर भूमि पर क्रेता औऱ विक्रेता वन भूमि को खुर्द बुर्द करके बेच रहे है। जिन व्यक्तियों को यह भूमि लीज़ पर दी गयी थी, हकीकत में वह गाँव कोठार, मौन के निवासी है। इन लोगों की लीज़ विभाग ने 12 मार्च 1986 को निरस्त कर दी थी। अब यहाँ राजस्व औऱ वन विभाग ने संयुक्त रूप से सर्वे किया तो 65 परिवारों को काबिज़ पाया।
एक जनहित याचिका में भी यह मामला उजागर हो चुका है, जो वर्ष 2010 से विचाराधीन था। इसके विपरीत यह भी बात सामने निकलकर आयी है कि मूल पट्टे धारको की जमीन पर भू माफिया कब्जा कर औने पौने दाम में बेच रहे है। सवाल अब भी यही है कि उक्त भूमि को राजस्व ग्राम बनाने का आधार क्या है?
लोकप्रिय दैनिक समाचार पोर्टल आज का आदित्य के समाचार संपादक दुर्गेश मिश्रा ने इस मामले को लेकर गौहरी रेंज के रेंजर से दूरभाष पर बात की, तो उन्होंने गोलमोल जवाब दिया। यह जवाब खुद में एक सवालिया निशान खड़ा कर रहा है।

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