उत्तराखंडशहर में खास

फल विक्रेताओं के साथ निगम अधिकारी व कर्मचारियों की मारपीट के मामले में निष्पक्ष जांच की मांग को लेकर पार्षद संगठन ने महापौर को दिया ज्ञापन

विक्रेताओं द्वारा निगम कर्मचारियों से जातिसूचक शब्दों का प्रयोग कर मारपीट की गई थी

ऋषिकेश, 29 जुलाई। तीर्थ नगरी ऋषिकेश में जहां एक और नगर निगम अधिकारियों व कर्मचारियों का कोरोना योद्वा के रूप में सम्मान किया जाएगा वहीं दूसरी ओर
शहर के कुछ व्यापारी फल विक्रेताओं से हुए उनके विवाद को तूल देकर उनपर कारवाई की मांग पर अड़े हैं।मामले को लेकर निगम पार्षदों ने तीखा आक्रोश जताया है।
ऋषिकेश नगर निगम के पार्षद संगठन नेे फल विक्रेताओं के साथ निगम अधिकाारी व कर्मचारियों की मारपीट के मामले की निष्पक्ष जांच कराए जाने की मांग की है। इस संदर्भ में निगम पार्षदों ने आज दोपहर महापौर अनिता ममगाई के कैंप कार्यालय में उनसे मुलाकात कर एक ज्ञापन सौंपा ।ज्ञापन में कहा गया है कि शहर में विगत दिनों फल
विक्रेताओं के साथ निगम अधिकारियों व कर्मचारियों से मारपीट का जो वीडियो सोशल मीडिया में वायरल किया जा रहा है उससे निगम की छवि धूमिल हो रही है। जबकि कोरोनावायरस काल में यही अधिकारी और कर्मचारी अपनी जान पर खेलकर दिन-रात लोगों की जिंदगी बचाने में लगे हुए हैं।ज्ञापन मे जानकारी दी गई है कि उक्त घटना से पूर्व फल विक्रेताओं द्वारा निगम कर्मचारियों से जातिसूचक शब्दों का प्रयोग कर मारपीट की गई थी। इसका विरोध करने जब निगम अधिकारी और कर्मचारी मौके पर पहुंचे तो फल विक्रेताओं ने उनसे भी अभ्रदता करनी शुरू कर दी ।इस घटना का साजिशन कुछ व्यापारियों ने वीडियो बनाकर वायरल कर दिया जिसमें सिर्फ एक पक्ष की कार्यवाही को दर्शाया गया है जो कि बिल्कुल भी न्याय संगत नहीं है। ज्ञापन मे महापौर से मामले की उच्च स्तरीय जांच कराने की मांग की गई है ताकि उक्त घटना का दूध का दूध और पानी का पानी हो सके। ज्ञापन देने वालों ने पार्षद विजय बडोनी, राजेन्द्र प्रेम सिंह बिष्ट, अजीत सिंह, विपिन पंत,विजेंद्र मोघा, राजेश दिवाकर, मनीष मनवाल, चेतन चौहान,रूपा देवी,ज्योति अशोक पासवान आदि प्रमुख रूप से शामिल थे।

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