शिक्षा

एनएपीएसआर ने पीएमओ व शिक्षा मंत्री को भेजा ज्ञापन

निजी स्कूलों की फीस की मांग इस कदर बढ़ चुकी है कि वो फीस जमा न करने पर बच्चों को न सिर्फ ऑनलाइन क्लास से टर्मिनेट कर रहे हैं

देहरादून। नैशनल एसोसिएशन फॉर पैरेंट्स एंड स्टूडेंट्स राइट्स द्वारा आज स्वैछिक वर्चुअल भारत बन्द किया गया जिसमे अभिभावकों ने स्वेच्छा से अपने प्रतिष्ठान बंद करके पीएमओ, मानव संसाधन मंत्री एव अपने अपने राज्यों के सीएमओ एवं शिक्षामंत्री को ट्वीट व मेल द्वारा ज्ञापन भेजा गया।
ज्ञापन के माध्यम से कहा गया है की यदि शीघ्र ही अभिभवाकों के हित मे सरकार कुछ अच्छा निर्णायक फैसला नही लेती है तो आज जो अभिभावक वर्चुल भारत बन्द कर रहे हैं वही कल सड़कों पर उतर कर एक्चुल भारत बन्द करने को बाध्य होंगे। एसोसिएशन के राष्ट्रीय अध्यक्ष आरिफ खान के अनुसार कोरोना काल के दौरान संपूर्ण भारत के लोगों की आर्थिक स्थिति खराब हो चुकी है हजारों लोग बेरोजगार हो चुके हैं लाखों की नौकरियां चली गयी हैं। किंतु निजी स्कूलों की फीस की मांग इस कदर बढ़ चुकी है कि वो फीस जमा न करने पर बच्चों को न सिर्फ ऑनलाइन क्लास से टर्मिनेट कर रहे हैं बल्कि बच्चों का नाम भी स्कूलों से काटा जा रहा है। जिसके लिए लगभग देश के सभी राज्यों मे जगह जगह अभिभावक संघों द्वारा न सिर्फ शिक्षा विभाग और राज्य सरकारों का दरवाजा खटखटाया गया बल्कि हाई कोर्ट और सुप्रीम कोर्ट तक का सहारा लेना पड़ा किन्तु किसी भी राज्य के अभिभावकों को राहत नही मिली है। जिसके विरोध मे अब देश के 28 राज्यों के अभिभावक एक जुट हो गए हैं और लगातार गूगल मीट के जरिये चर्चा करने के पश्चात यह निर्णय लिया गया था कि आगामी 28 सितंबर को शहीद भगत सिंह की जयंती को शिक्षा आंदोलन के रूप मे मनाया जाएगा और स्वैछिक वर्चुअल भारत बन्द किया जाएगा जिसमे आज सभी राज्यों के अभिभावक ठीक 11. 00 बजे हैशटैग के साथ अपने अपने राज्यों से शिक्षा के लिए उठने वाली मांग और भारत बन्द को सोशल मीडिया पर डालकर सरकार को अभिभावकों का दर्द दिखाने का प्रयास किया है। ताकि भारत सरकार और राज्य सरकारें सिर्फ निजी स्कूलों को ही न देखें बल्कि अभिभावकों और छात्रों के विषय मे भी सोचें।

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