उत्तराखंड

महान क्रान्तिकारी और स्वतंत्रता संग्राम सेनानी भगत सिंह के जन्मदिवस पर विशेष

ऋषिकेश, 28 सितम्बर। परमार्थ निकेतन के परमाध्यक्ष स्वामी चिदानन्द सरस्वती ने आज भारत के महान क्रान्तिकारी और स्वतंत्रता संग्राम सेनानी भगत सिंह के जन्मदिवस पर उन्हें याद करते हुये कहा कि क्रान्तिकारी भगत सिंह के साहस और देशभक्ति को नमन। उन्होने अद्भुत साहस के साथ स्वतंत्रता संग्राम में जो योगदान दिया उसे युगों-युगों तक याद किया जायेगा। उनके विचार भी उनके साहस की तरह अद्भुत थे। उन्होंने कहा था कि ‘‘ क्रांति की तलवार तो सिर्फ विचारों की शान पर ही तेज होती है’’। यह संदेश है वीर भगतसिंह का आज के युवाओं को कि विचारों में बड़ी शक्ति है इसलिये जीवन में आगे बढ़ने के लिये विचारों पर ध्यान देना बहुत जरूरी है। जीवन में आगे बढ़ना है तो टंग (जीभ) मेनेजमेंट, थाट्स (विचार) मेनेजमेंट और टाईम मेनेजमेंट करना नितांत आवश्यक है।
स्वामी ने आज वीर भगतसिंह के जन्मदिवस के अवसर पर संदेश देे हुये कहा कि भगत सिंह आज के युवाओं के लिये प्रेरणास्रोत हैं। कैसे एक युवा लड़के ने जिसके आगे उसका पूरा जीवन पड़ा है, उसकी पूरी जवानी के वसंत में अभी फूल खिलने बाकी हैं, प्रत्येक युवा की अनेक आशायें और अभिलाषायें होती हैं उन सबका त्याग कर दिया अपनी मातृभूति की आजादी के लिये, कैसा अद्भुत देश प्रेम। स्वामी जी ने कहा कि क्या देशभक्ति थी भगतसिंह की। उन्होंने कहा था कि ’’मेरी कलम मेरी भावनाओं से इस कदर रूबरू, है कि मैं जब भी इश्क लिखना चाहूँ तो हमेशा इन्कलाब लिखा जाता है।’’ ये था अपनी मातृभूमि के लिये उनका प्रेम और भारत माता के लिये त्याग।

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