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कूट रचित मृत्यु प्रमाण पत्र के आधार पर न्यायालय ने बाबा को किया मृत घोषित, लेकिन ऋषिकेश में घूम रहा है खुलेआम

पुलिस अधीक्षक को मृतक की जांच करवाए जाने की मांग को लेकर दिया शिकायती पत्र

ऋषिकेश, 0 2 अक्टूबर। एक व्यक्ति द्वारा पुलिस अधीक्षक को दिये गये , शिकायत पत्र में एक बाबा पर झूठे व कूट रचित मृत्यु प्रमाण पत्र न्यायालय को देकर न्यायालय के साथ छल किया जाने की जांच किए जाने की मांग की है ।ऋषिकेश के तिलक रोड निवासी ऋषि राजपूत द्वारा पुलिस अधीक्षक को दिए गए शिकायती पत्र में कहा गया है। कि ऋषिकेश घाट चौकी पुलिस में वर्ष 2013 में एक मुकदमा विभिन्न धाराओं में सरकार बनाम रत्नेश कुमार उर्फ लाल बाबा के नाम से दर्ज किया गया था ।यह मुकदमा उसी के भाई प्रदीप दास द्वारा दर्ज करायागय था । यह मुकदमा 2014 में न्यायिक मजिस्ट्रेट ऋषिकेश के न्यायालय में अंतरित हो गया ,जो इस न्यायालय में फौजदारी में दर्ज हुआ , जिसके बाद रत्नेश कुमार न्यायालय में तारीख पर जाने से बचता रहा । जिसके बाद रत्नेश कुमार ने न्यायालय में उपस्थित नहीं हो जिसकी जमानत के लिए एक के लिए न्यायालय को गुमराह करते हुए छल पूर्वक मुकदमे को समाप्त करवाए जाने के उद्देश्य से एक जमानती सत्तो देवी पत्नी ओमपाल सिंह निवासी ऋषिकेश से 2017 को न्यायालय के समक्ष रत्नेश कुमार के पक्ष में शपथ पत्र झूठे मृत्यु प्रमाण पत्र के रूप में प्रस्तुत किया गया ।जिस पर माननीय न्यायालय ने पुलिस को आदेशित किया कि वह मृत्यु संबंधी आख्या न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किए जाने के लिए कहा ।इस संबंध में पुलिस द्वारा रत्नेश कुमार की मृत्यु होने के संबंध में न्यायालय में अपनी आख्या प्रस्तुत की थी ,जिस पर पुलिस आख्या पर विश्वास कर न्यायालय इस निष्कर्ष पर पहुंची ,कि रत्नेश कुमार की मृत्यु हो चुकी है। और अभियुक्त के विरुद्ध मुकदमा चलाने का कोई औचित्य नहीं है ।तथा इस संबंध में न्यायालय ने पत्रावली को दफ्तर दाखिल कर दिया ।शिकायती पत्र में ऋषि राजपूत द्वारा कहा गया, कि न्यायालय द्वारा दफ्तर दाखिल की गई फाइल के बावजूद भी रत्नेश कुमार आज भी ऋषिकेश व आसपास के क्षेत्र में खुलेआम घूम कर अवैध कार्यों में संलिप्त है ।जिसकी जांच कर उसके विरूद्ध कार्रवाई की जाए।

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