धर्म-कर्म

तीर्थ नगरी को आवारा पशुओं से जल्द कराया जाएगा मुक्त- अनिता ममगाई

गैंडीखाता भिजवाये जायेंगें निराश्रित पशु -महापौर

 

निगम की टीम के साथ मेयर ने कृष्णायन आश्रम में महंत ईश्वर दास महाराज से की मुलाकात*

ऋषिकेश, 04 सितंबर। लॉक डाउन 5 शुरु होते तीर्थ नगरी में आवारा पशुओं पर नकेल कसने के लिए नगर निगम ने कवायद शुरू कर दी है। इसके लिए एक रणनीति तैयार कर महापौर गैंडीखाता खाता (हरिद्वार) स्थित कृष्णायन आश्रम पहुंची और आश्रम के महंत ईश्वर दास से तीर्थ मुलाकात कर उनसे तीर्थ नगरी ऋषिकेश के निराश्रित पशुओं को आश्रम में पनाह देने का आग्रह किया।महापौर ने उन्हें बताया कि तमाम प्रयासों के बावजूद अभी ऋषिकेश नगर निगम में निराश्रित पशुओं के लिए कांजी हाऊस की व्यवस्था नही हो पा रही है।महापौर के आग्रह पर सहर्ष हामी भरते हुए मंहत ईश्वर दास महाराज ने कहा कि ऋषिकेश नगर निगम की आश्रम हर संभव सहायता करेगा। महापौर ने निराश्रित पशुओं के लिए किए जा रहे सहयोग पर उनका आभार जताया। महापौर ने बताया कि अब जल्द ही नगर में लोगों के लिए परेशानी बने आवारा पशुओं की धरपकड़ के लिए नगर निगम प्रशासन  अभियान शुरू करेगा। कैटल कैचर वाहन के साथ सड़क पर  निगम कर्मियों की विभिन्न टीमों को उतारकर आवारा और निराश्रित पशुओ को पकड़कर गैंडीखाता आश्रम पहुंचाया जायेगा।महापौर ने बताया कि पूर्व में भी ऋषिकेश नगर निगम द्वारा 200 निराश्रित पशुओं को गैंंडीखाता आश्रम भिजवाया गया था लेकिन शहर में आवारा पशुओं की बढ़ती तादाद और कांजी हाऊस की व्यवस्था न होने की वजह  समस्या का स्थाई समाधान ना हो सका।उन्होंने बताया चारधाम यात्रा के प्रवेशद्वार तीर्थ नगरी मैं बाहर से कोई आवारा पशुओं को नहीं छोड़े, इसके लिए निगम की निगरानी टीम गठित की गई है, जो सीधे मुख्य नगर आयुक्त को रिपोर्ट करेगी।इस दौरान सहायक  अभियंता आनंद मिश्रवान ,कमलेश जैन,सफाई निरीक्षक धीरेंद्र सेमवाल आदि शामिल रहे।

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