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पारम्परिक लोक गीत झुमका का लोकार्पण

ऋषिकेश 04 अक्टूबर। अंतरराष्ट्रीय गढ़वाल महासभा ने उत्तराखंड की लोकप्रिय व प्रसिद्ध नृत्य शैली झुमैला पर आधारित पारम्परिक लोकगीत झुमका के वीडियो गीत का लोकार्पण किया।वीडियो गीत का लोकार्पण दर्जाधारी राज्यमंत्री भगत राम कोठारी व महासभा के अध्यक्ष डॉ राजे सिंह नेगी ने सँयुक्त रूप से किया। इस गीत को लोकगायक अजय नौटियाल व गायिका पूनम सती ने अपनी मधुर आवाज से सजाया है।
महासभा के अध्यक्ष डॉ राजे सिंह नेगी ने बताया कि युवा गीतकार कमल जोशी व अजय नोटियाल ने इस लोकगीत को पुनर्रचित कर और परिष्कृत व रुचिकर बनाने का प्रयास किया है। निर्माता दौलत राणा व एसडीई प्रोडक्शन के बैनर तले बने इस गीत का निर्देशन अंकुश सकलानी फिल्मांकन एवं सम्पादन रज्जी गोसाईं ने किया है। अभिनय फौजी जवान तारा सिंह व अभिनेत्री शालिनी सुंदरियाल ने किया है। लोक गायक अजय ने बताया कि यह गीत उत्तराखण्डी संस्कृति को गौरवपूर्ण रूप से दर्शाता है। इसमें नायक नायिका के बीच बेहद दिलचस्प संवाद हैं कि नायिका झुमैला खेलना (पारंपरिक सामूहिक नृत्य करना) तो चाहती है लेकिन क्योंकि उनके जेठ भी झुमैला देख रहे हैं तो वो नृत्य में प्रतिभाग नही कर सकती। आज भी उत्तराखंड के गांवों में पति के बड़े भाई यानी जेठ से बहुओं का पर्दा करने की परंपरा है। जिसे गढ़वाली में छौं भचना कहते हैं। यह संयुक्त परिवारों के ताने बाने को बनाये रखने के लिए परिवार के बड़ों को छोटों द्वारा सम्मान देने का एक बेहतरीन तरीका था। लेकिन अब जैसे संयुक्त परिवारों की संख्यां कम होती जा रही है ये परम्पराएं भी दम तोड़ रही हैं। नयी पीढ़ी को अपनी इन्ही परम्पराओं से परिचय करवाते इस गीत को यूट्यूब और सोशल मिडिया पर जमकर देखा व सराहा जा रहा है। जिससे इस गीत से जुड़े सभी लोग व कलाकार खासे उत्साहित हैं। इस अवसर पर लोक गायक कमल जोशी, समाजसेवी नरेंद्र मैठाणी, जगदीश कोठारी, प्रियांशु कोठारी, मयंक भट्ट मौजूद रहे।

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