राजनीति

तपोवन के ग्रामीणों ने प्राधिकरण के विरुद्ध खोला मोर्चा

 

ऋषिकेश, 12 अक्टूबर। तपोवन और आसपास सीमांत गांव के ग्रामीणों ने प्राधिकरण के विरुद्ध मोर्चा खोल दिया है। इस संबंध में सोमवार को ग्रामीणों ने एक बैठक आयोजित की। इसमें प्राधिकरण को लेकर ग्रामीणों ने अपने विचार साझा किया।
मोक्ष आश्रम में आयोजित बैठक को संबोधित करते हुए राजेंद्र भंडारी ने कहा कि सभी ग्रामीणों को मिलकर प्राधिकरण के विरुद्ध सरकार से लड़ाई लड़नी है। बताया कि पूर्व में पूरा प्रदेश हरिद्वार विकास प्राधिकरण से दुखी था। मगर इसके बाद प्रत्येक जिले का अपना ही प्राधिकरण बना। बताया कि टिहरी प्राधिकरण में कोई अधिकारी मौजूद ही नहीं है। जबकि इसमें जिलाधिकारी टिहरी उपाध्यक्ष और एडीएम टिहरी सचिव पद पर होने चाहिए। मगर मसूरी प्राधिकरण के अधिकारियों की यहां तैनाती की गई है। कहा कि पूरे प्रदेश में प्राधिकरण के नियम लागू नहीं होते हैं। अग्निशमन विभाग के वाहनों की आवाजाही के लिए कम से कम से 27फीट रोड का होना आवश्यक है। मगर पूरे प्रदेश में हाईवे को छोड़ इस माप की सड़कें मौजूद ही नहीं हैं। कहा कि पर्वतीय क्षेत्रों के निर्माणों में प्राधिकरण विभाग को हटा देना चाहिए। पूर्व प्रधान मोहन सिंह बिष्ट ने कहा कि यदि तपोवन क्षेत्र से प्राधिकरण विभाग को नहीं हटाया गया, तो सरकार के विरुद्ध उग्र आंदोलन किया जाएगा।
इस मौके पर पूर्व प्रधान बड़ेडा भगवान सिंह, पूर्व प्रधान तिमली चतर सिंह, पूर्व प्रधान तपोवन सुरेश उनियाल, अर्चना चैहान, प्रकाश रावत, राजेंद्र सिंह नेगी, पार्वती देवी, किरन देवी, राजेंद्र पुंडीर, दिनेश कुमार, संजीव सेमवाल, राकेश अग्रवाल, अरविंद भारद्वाज, भगवती प्रसाद भट्ट, होशियाल सिंह, पंचम नेगी, अर्जुन भंडारी, सुशील कोठारी, सतपाल सिंह रावत, राजपाल पुंडीर, शारदा देवी, गोपाल चैहान, उदय सिंह पुंडीर, सुरभि नेगी, जगत सिंह नेगी, जगदीश कंडारी, मेहरबान सिंह, सुधीर खंडूरी, गिरीश चैधरी, मानवेंद्र भंडारी, श्वेता भट्ट, मनीषा कोठारी आदि उपस्थित थे।

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