भ्रष्टाचार

गंगा तट पर अवैध खनन जारी, जंगलात की पेट्रोलिंग टीम को चकमा देकर खनन माफिया चीर रहे नदी का सीना

गंगा तट पर अवैध खनन जारी, जंगलात की पेट्रोलिंग टीम को चकमा देकर खनन माफिया चीर रहे नदी का सीना

 

ऋषिकेश 14 अक्टूबर। तीर्थनगरी ऋषिकेश के गंगा तटों पर खनन माफिया लगातार नदी का सीना चीरकर अवैध खनन कर रहे हैं। आलम यह है कि कई बार शिकायतों के बाद भी वन विभाग खनन माफियाओं पर कोई ठोस कार्रवाई करते नजर नहीं आ रहा है।
दरअसल, ऋषिकेश सहित आसपास के क्षेत्रों में गंगा के तटों से अवैध खनन की बात कई बार सामने आई है। प्रकृति प्रेमियों और स्थानीय लोगों की शिकायत के बाद वन विभाग जागता तो है लेकिन कार्यवाही के नाम पर मात्र औपचारिकता ही की जाती है। कठोर कार्यवाही न करने के कारण खनन माफिया बेखौफ होकर फिर सक्रिय हो जाते हैं। आलम यह है कि वन अधिकारियों के लगातार गश्त के दावे के बावजूद खनन माफिया अधिकारियों को चकमा देकर खनन कर रहे हैं।
सूत्रों के मुताबिक गंगा तट के आस पास रहने वाले गरीब तबके के लोग भी रात के अंधेरे में खनन की गई सामग्री को बाजार के दामों से सस्ते दामों में बेचकर कुछ ही देर में अच्छा मुनाफा कमा रहे हैं। जिसमें खासकर मायाकुंड और चंद्रेश्वर नगर की झुग्गी झोपड़ियों में रहने वाले लोग शामिल हैं। जो कि सुबह तड़के ही नदी का सीना चीरकर दिनभर की दिहाड़ी का इंतजाम कर लेते हैं।
गंगा घाटों की दयनीय स्थिति देखकर तो यही कहा जा सकता है कि वन विभाग के अधिकारी खनन माफियाओं पर लगाम कसने में नाकाम साबित हो रहे हैं।

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क्या कहते हैं जिम्मेदार:

ऋषिकेश वन क्षेत्राधिकारी एमएस रावत ने बताया कि वन विभाग की पेट्रोलिंग टीम क्षेत्र में लगातार रात्रि गश्त करती है। रात्रि के समय टीम 2 बजे के बाद तक गंगा तटों पर गश्त लगाती है। इसके बावजूद अगर खनन किया जा रहा है तो खनन करने वालों पर कार्रवाई की जाएगी।

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